यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के बाद प्रियंका वाड्रा अब अमेठी की कमान भी संभालेंगी। जिले के कांग्रेस संगठन में जल्द ही बदलाव होगा।
पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे कार्यकर्ताओं की बड़े पदों पर ताजपोशी होगी।
कामचोरों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। यह बात शुक्रवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अमेठी सांसद राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के बाद भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों से कही।
इससे पहले राहुल ने पहली बार सोनिया गांधी के (गेस्ट हाउस) आशियाना में रात्रि विश्राम किया। सुबह सबसे पहले अपने संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों से मुलाकात की और संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनकी नब्ज टटोली।
अमेठी संसदीय क्षेत्र के रानीगंज निवासी एवं कांग्रेस कमेटी लीगल सेल के पूर्व सह संयोजक सलाउद्दीन, शाहगढ़ के अध्यक्ष शत्रोह्न सिंह, भादर के प्रभारी सुनील से राहुल ने संगठन को और मजबूत बनाने के बाबत चर्चा की।
इस दौरान सभी ने बेहिचक अपनी बात कही। कहा कि कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता काम नहीं करना चाहते हैं। उन्हें केवल नेतागिरी करनी आती है। जो काम कर रहे हैं, उनकी कोई सुन नहीं रहा है।
अपनों की कामचोरी से संगठन की धार कुंद होती जा रही है, जिसमें बदलाव की जरूरत है।
राहुल से सभी ने मांग की कि प्रियंका रायबरेली की तरह अमेठी का भी कामकाज देखें। यह भी कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लीगल सेल के पूर्व सह संयोजक सलाउद्दीन एडवोकेट के मुताबिक, बीती 29 मई को राहुल गांधी ने अमेठी के पदाधिकारियों को दिल्ली बुलाया था।
उन्हें विश्वास दिलाया कि अमेठी के संगठन में जल्द बदलाव होगा। सोनिया के संसदीय क्षेत्र के बाद प्रियंका वाड्रा को अमेठी की भी जिम्मेदारी दी जाएगी।