बछरावां थाना गेट के बाहर धरना देते पीड़ित परिवार की महिला और पुलिस के साथ होती नोकझोंक।
रायबरेली। मकान पर कब्जा न मिलने से नाराज एक युवक ने सोमवार को बछरावां कोतवाली गेट पर हंगामा किया। पुलिसकर्मी हंगामा कर रहे युवक को जबरन कोतवाली के अंदर ले गए। इस घटना का वीडियो सामाजिक माध्यम पर प्रसारित हो रहा है।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के देदौर गांव निवासी दुर्गेश चौधरी का पैतृक मकान बछरावां कस्बे में है। इस मकान में उनके चचेरे भाई जितेंद्र चौधरी रहते हैं। दोनों भाइयों के बीच मकान बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दुर्गेश की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार दोपहर दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया। बातचीत के बाद दुर्गेश समेत अन्य लोग कोतवाली गेट पर धरने पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
विरोध प्रदर्शन तेज होने पर कोतवाली प्रभारी श्याम कुमार पाल मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मी दुर्गेश को जबरन खींचकर कोतवाली के अंदर ले गए। इस दौरान नोकझोंक भी हुई। दुर्गेश ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और धमकाया। यह विरोध प्रदर्शन करीब एक बजे शुरू हुआ और लगभग आधा घंटे तक चला।
बछरावां कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों में बातचीत हो चुकी थी। इसके बावजूद दुर्गेश चौधरी मकान पर कब्जा कराने की मांग कर रहे थे। उन्हें न्यायालय का सहारा लेने की सलाह दी गई थी। दुर्गेश कोतवाली गेट के बाहर राजमार्ग पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसलिए उन्हें वहां से हटाकर कोतवाली के अंदर ले जाया गया।
मामले में दुर्गेश, उनके चचेरे भाई जितेंद्र सहित चार लोगों के खिलाफ शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से कार्रवाई नियमानुसार हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों द्वारा कोई अभद्रता नहीं की गई है।
बछरावां थाना गेट के बाहर धरना देते पीड़ित परिवार की महिला और पुलिस के साथ होती नोकझोंक।