मांगों को लेकर आंदोलित इंप्लाइज यूनियन और क्षेत्रीय प्रबंधक आरपी सिंह के मध्य बुधवार को वार्ता हुई। इसमें निर्णय हुआ कि वर्कशॉप में तैनात दिहाड़ी श्रमिक नहीं हटाए जाएंगे और न ही उनके पारिश्रमिक में कटौती की जाएगी।
यही नहीं एआरएम ने श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों से संस्तुति करने का आश्वासन भी दिया। वार्ता की सफलता के बाद यूनियन ने 4 फरवरी को होने वाले आमरण अनशन को रद्द कर दिया।
रोडवेज के वर्कशॉप में तैनात करीब 20 दिहाड़ी श्रमिकों को सेवा से हटाने और पारिश्रमिक से कटौती को लेकर रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
मांगे पूरी न होने पर 4 फरवरी से आमरण अनशन का अल्टीमेटम दिया था। अनशन की घोषणा के बाद बुधवार को एआरएम ने यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, मंत्री राम सुमेर, रामू सोनकर, संदीप कुमार, जुबेर अहमद शामिल थे। अध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि यूनियन की सभी मांगे पूरी कर दी गई हैं।
श्रमिकों को हटाने का निर्णय वापस ले लिया गया है। यही नहीं पारिश्रमिक में की जाने वाली कटौती बंद की जाएगी। इसके साथ ही एआरएम ने श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़वाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया है। वार्ता की सफलता के बाद 4 फरवरी को होने वाला अनशन स्थगित कर दिया गया।