रायबरेली। भदोखर पुलिस ने गुरुवार को श्रमिक की हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इनके पास से वारदात में प्रयुक्त किए गए दो डंडे भी बरामद किए गए हैं। वहीं फरार चल रहे वारदात के मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान और उसके कोटेदार पिता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने एसओजी टीम को भी लगा दिया है।
राही ब्लॉक एवं मिल एरिया थाना क्षेत्र के बंदरामऊ गांव निवासी मो. मुश्ताक (40) पुत्र अब्दुल सत्तार की मंगलवार शाम उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने चचेरे भाई के साथ रायबरेली शहर से घर जा रहा था। गांव में मनरेगा समेत अन्य विकास कार्यों में कराए गए अनियमितता की शिकायत करने पर उसका कत्ल किया गया।
मृतक के चचेरे भाई मो. जमील की तहरीर पर बंदरामऊ गांव के ग्राम प्रधान संदीप यादव, उसके भाई दीपू यादव, पिता कोटेदार गुरु प्रसाद, अशोक, रामकुमार और भदोखर थाना क्षेत्र के कंचौदा मोहिद्दीनपुर निवासी दिनेश के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। संदीप यादव राही ब्लॉक संघ का अध्यक्ष भी है। एसपी स्वप्निल ममगाई ने गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश दिए।
भदोखर थानेदार राम आशीष उपाध्याय के साथ ही एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी को भी लगा दिया। थानेदार ने बताया कि शारदा नहर पुल के पास से मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को पकड़ा गया है। इसमें अशोक, रामकुमार उर्फ मटरू और दिनेश शामिल हैं। प्रधान और उसके पिता की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है। जल्द वह भी गिरफ्त में होंगे।
बंदरामऊ गांव के रहन वाले श्रमिक की हत्या के बाद पुलिस ने तनाव को देखते हुए सतर्कता बरती। यही वजह रही कि मिल एरिया थानेदार राकेश सिंह समेत अन्य पुलिस बल रातभर गांव में तैनात रहा। श्रमिक का अंतिम संस्कार होने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली। फिलहाल घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। बंदरामऊ ग्राम प्रधान की ओर से इस तरह से वारदात को अंजाम दे दिया जाएगा, यह पुलिस ने भी नहीं सोचा था।
बताते हैं कि मिल एरिया थाने में प्रधान का आना जाना था। पुलिस कर्मी बताते हैं कि वह सरल स्वभाव का था। पता नहीं क्या हुआ कि उसने श्रमिक की हत्या साथियों के साथ मिलकर कर दी। कुछ लोगों का कहना है कि प्रधान दहशत कायम करना चाहता था। विकास कार्यों में वह शिकायत बर्दाश्त नहीं करता था। श्रमिक से नाली बनाने को लेकर भी विवाद हुआ था।