रायबरेली। रक्षाबंधन पर्व के पहले जिले के 448 डाकघरों में कामकाज ठप है। ऐसे में भाइयों तक बहनें राखियां नहीं पहुंचा पा रही हैं। डाकघरों में सर्वर नहीं आ रहा है। ऐसे में रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट जैसी सुविधाएं बाधित हैं। डाकघरों में सन्नाटा पसरा है। लेनदेन भी नहीं हो पा रहा है।
जिले में दो प्रधान डाकघर, 54 उप डाकघर और 392 शाखा डाकघर हैं। करीब सप्ताहभर से सर्वर नहीं आने की वजह से डाकघरों में कामकाज बंद है। यह हाल तब है, जब रक्षाबंधन का पर्व नौ अगस्त को है। घर से दूर रहने वाले भाइयों को राखी भेजनी है। सर्वर न होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत बहनों को हो रही है।
बृहस्पतिवार को शहर के घंटाघर स्थित प्रधान डाकघर में कामकाज ठप था। जो बहनें राखियां बुकिंग कराने पहुंचीं, उन्हें निराशा हाथ लगी। रुपये का लेनदेन भी प्रभावित रहा। पोस्टमास्टर संजय सुशील कुमार के मुताबिक प्रतिदिन 500 राखियों की बुकिंग हो रही थी। सर्वर न होने से राखियों की बुकिंग नहीं हो पा रही है। यही हाल अन्य डाकघरों का है। कामकाज ठप है।
उप डाकघर बछरावां में भी सर्वर नहीं है। बकांगढ़ की रहने वाली पाटन देवी ने बताया कि एक सप्ताह से पेंशन निकालने के लिए उप डाकघर आ रही हैं। पेंशन नहीं निकल पा रही है। कस्बे की रहने वाली मंजू ने बताया कि उनके भाई गुजरात राज्य के बारडोली में रहते हैंं। रक्षाबंधन पर वह घर नहीं आ पा रहे हैं। भाई को राखी भेजनी है। सर्वर न होने के चलते भाई को राखी नहीं भेज पा रही हूं।
दोस्तपुर गांव की रहने वाली चंदा ने बताया कि रेलवे की पेंशन लेने के लिए प्रतिदिन वह ऑटो रिक्शा से बछरावां उप डाकघर आती हैं। आने-जाने में 100 रुपये खर्च हो जाते हैं। बावजूद लेनदेन नहीं हो पाता है। उप डाकघर के पोस्टमास्टर रामबाबू क्या कहना है कि डाकघर विभाग द्वारा सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है, जिस कारण सर्वर नहीं आ रहा है। प्रयास चल रहा है कि जल्दी व्यवस्थाएं सुधर जाएंगी। उधर, डाक अधीक्षक अनूप अग्रवाल कहते हैं कि सर्वर की समस्या से डाकघरों में कामकाज बाधित है। उम्मीद है कि समस्या जल्द दूर हो जाएगी।
सगी बहनें दिखी निराश
अमेठी की रहने वाली सगी बहनें अंजली और शालिनी यहां रायबरेली शहर में रहकर पढ़ाई करती हैं। भाई सूरत में रहते हैं। भाई को राखी भेजने के लिए बहनें प्रधान डाकघर घंटाघर पहुंची थी। सर्वर न होने के कारण परेशान दिखीं। कहती हैं कि अब भइया को राखी कैसे पहुंच पाएगी, यही सोचकर परेशान हूं।