छिटपुट झड़पों के बीच बृहस्पतिवार को मतदाताओं के उत्साह से जिले में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड टूट गए। यह वोटरों के जोश और उत्साह का ही कमाल है कि विधानसभा की छह सीटों के लिए 61.30 फीसदी रिकॉर्ड मतदान हुआ। इससे पहले 2007 के विधान सभा चुनाव में मात्र 49 फीसदी और 2012 के विधान सभा चुनाव में 60 फीसदी मतदान हुआ था।
2014 के लोकसभा चुनाव में 48 फीसदी ही वोट पड़े थे। इसी के साथ 75 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। अब 11 मार्च को वोटों की गिनती होगी। जिले के मतदाताओं ने बृहस्पतिवार को लोकतंत्र के महापर्व में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हुए उदासीनता के मिथक को तोड़ दिया।
शहरी हो या ग्रामीण, सभी जगह मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से लगी वोटरों की लाइन मतदान खत्म होने तक लगी रही। हालांकि इस दौरान सभी विधान सभा क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम खराब हो जाने, मशीन की बैट्री डाउन हो जाने जैसी परेशानियों से भी मतदाताओं को जूझना पड़ा।
रायबरेली की छह विधानसभा सीटों पर मतदान और 19 लाख 80 हजार 362 मतदाताओं के लिए 2073 पोलिंग बूथ और 1447 मतदान केंद्रों पर सात बजे मतदान शुरू हुआ। जिले की रायबरेली, हरचंदपुर, बछरावां, सरेनी, सलोन और ऊंचाहार विधानसभाओं के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर उत्साही वोटरों की लाइन मतदान के लिए बूथों के बाहर जुट गयी थी।
शुरूआत के पहले दो घंटे में हुए 9.46 फीसदी मतदान के बाद पकड़ी रफ्तार शाम पांच बजे 61.30 फीसदी मतदान के साथ खत्म हुई। युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग सभी में मतदान को लेकर खासा उत्साह रहा।
वाईआईपी जिले को देखते हुए लखनऊ मंडल के आयुक्त भुवनेश कुमार व डीआईजी प्रवीण कुमार ने शहर में एसजेएस पब्लिक स्कूल मतदान केंद्र समेत ऊंचाहार व अन्य विधान सभा क्षेत्रों में व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मतदान ठीक तरीके से हुआ। जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि जिले में सकुशल मतदान निपट गया।