फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में बंद चाचा अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में होगा शामिल

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। जिला जेल रायबरेली में बंद उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता के चाचा अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेगा। हाईकोर्ट इलाहाबाद की लखनऊ खंड पीठ ने मंगलवार को पीड़िता के चाचा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। पुलिस सुरक्षा में उन्हें सुबह रायबरेली जेल से गंगाघाट उन्नाव ले जाया जाएगा और अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के बाद उसी दिन फिर वापस रायबरेली जिला कारागार लाया जाएगा।
विज्ञापन

कोर्ट ने रायबरेली और उन्नाव जिला प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। गौरतलब है कि गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में रायबरेली-लालगंज राजमार्ग (कानपुर हाईवे) पर सुल्तानपुरखेड़ा गांव के मोड़ पर रविवार को हुई घटना में उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी जबकि, स्वयं पीड़िता और उनका वकील गंभीर रूप से घायल हो गया था। रायबरेली जेल में बंद चाचा को अंतिम संस्कार में भाग लेने की अनुमति देने की मांग को लेकर परिवारीजन उन्नाव में धरने पर बैठे थे।
चाचा ने डीएम रायबरेली नेहा शर्मा को पत्र देकर 72 घंटे की पैरोल मांगी थी। इस पर डीएम ने चाचा के पत्र को डीएम उन्नाव को भेजा था। चूंकि मामला कोर्ट से जुड़ा था। इसलिए इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका था। इस पर चाचा ने पत्नी के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए उच्च न्यायालय की शरण ली। इस पर मंगलवार को उच्च न्यायालय ने जेल में बंद चाचा को पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी। आदेश में चाचा को बुधवार की सुबह जिला जेल से गंगाघाट उन्नाव ले जाने और अंतिम संस्कार के बाद उसी दिन जिला जेल रायबरेली पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने पीड़िता के चाचा को पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक दिन की अनुमति दी है। पीड़िता के चाचा को पुलिस सुरक्षा में सुबह उन्नाव भेजा जाएगा और वहीं से पुलिस सुरक्षा में रायबरेली जेल लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीड़िता के चाचा को उन्नाव ले जाने और उसे फिर रायबरेली लाने के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें