रायबरेली। जिले में मंगलवार रात आंधी-पानी से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। हालात ये हुए कि फसल खेतों में बिछ गई। गेहूं की बालियां टूट गई। हल्की बारिश से गेहूं की फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य ठप हो गया।
खास बात ये है कि छह दिन पहले भी जिले के कई हिस्सों में बारिश व ओलावृष्टि होने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ था। आंधी-पानी की वजह से फसल नुकसान से किसानों के चेहरे मायूस हो गए हैं। उनका कहना है कि यही हाल रहा तो इस बार फसल उत्पादन निकालना मुश्किल हो जाएगा।
जिले में इस बार एक लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोआई की गई थी। अब फसल पक चुकी है। फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य भी शुरू हो गया है। इधर, मौसम में उतार चढ़ाव लगा है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। छह दिन पहले डीह, सलोन, नसीराबाद आदि इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को क्षति हुई थी।
मंगलवार रात करीब 11 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। देखते ही देखते बारिश के साथ आंधी शुरू हो गई। इससे राही, सलोन, डीह, डलमऊ आदि क्षेत्रों में गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। बालियां टूटकर जमीन पर गिर गई। फसल के भीग जाने से कटाई-मड़ाई का कार्य किसानों को बंद करना पड़ा। गनीमत रही कि बारिश हल्की हुई, वरना पूरी तरह से गेहूं की फसल चौपट हो जाती। जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय का कहना है कि आंधी-बारिश से कुछ स्थानों पर गेहूं की फसल गिरी है। फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
फसल का हुआ नुकसान
हलोर। हलोर, पुरासी, अलीपुर, जमुरावां, कक्केपुर, भटसरा, कोटवा मोहम्मदाबाद, मझिगवां. बारी गोहन्ना गांवों के किसानों की गेहूं की फसल खराब हो गई है। पहले मंगलवार की रात और फिर बुधवार की सुबह बारिश हुई। आंधी भी चली। किसान भवानीबक्स सिंह, सेत बहादुर सिंह, ओम प्रकाश मिश्रा, महेश सिंह, श्यामबाबू शुक्ला, महेंद्र श्रीवास्तव, केशवानंद त्रिपाठी, शीतला प्रसाद मिश्रा, राम प्रकाश शुक्ला, भोला सिंह, अतुल सिंह, मनोज मिश्रा, अमर सिंह, रामशरन यादव ने बताया कि गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। यही हाल रहा तो इस बार नुकसान उठाना पड़ जाएगा। गेहूं की फसल की कटाई-मड़ाई का कार्य बाधित हो गया है। गनीमत रही कि जल्द बारिश और आंधी बंद हो गई।