रायबरेली। जिले में 4.68 लाख घरों में पानी पहुंचाने के लिए कवायद तेज हो गई है। जल जीवन मिशन योजना को सफल बनाने के लिए जलनिगम के साथ ही अब लघु सिंचाई विभाग को भी यह जिम्मेदारी दी गई है। दोनों विभागों को जिम्मेदारी मिलने के बाद योजना के सफल होने के आसार दिखने लगे हैं। शासन की ओर से अलग-अलग घरों में पानी पहुंचाने का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है।
जल जीवन मिशन योजना से ग्रामीण अंचलों में 2022 तक हर घर को पानी पहुंचाने की तैयारी है। ग्रामीण हैंडपंप और कुओं का पानी पीते हैं। ज्यादातर गांवों में पानी दूषित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को तरह-तरह की बीमारियों से जूझना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों को पानी पहुंचाने के लिए यह योजना शुरू की है।
योजना के तहत घरों तक पाइप लाइन बिछाकर पानी की सप्लाई दी जाएगी। इस पानी की गुणवत्ता हैंडपंप और कुओं के पानी से बहुत अच्छी होगी। लोगों में बीमारियां होने का खतरा कम होगा। खास बात यह है कि हर घर के सामने लगाई जाने वाली टोटियों से 24 घंटे आपूर्ति होगी।
जलनिगम को 4.68 लाख घरों में से 64 हजार घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। जलनिगम पहले से लगी टंकियों की पाइप लाइनों का विस्तार करने के साथ ही अन्य जरूरी कार्य कराकर 29 हजार घरों तक पानी पहुंचा भी चुका है। अन्य घरों तक पानी पहुंचाने के लिए 43 टंकियों की पाइप लाइनों का विस्तार करने के साथ अन्य खामियां दूर करा रहा है।
वहीं लघु सिंचाई विभाग को चार लाख चार हजार घरों तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। 58 टंकियों को अपग्रेड करके दिए गए लक्ष्य को पूरा किया जाना है। खास बात यह है कि अभी तक लघु सिंचाई विभाग ने कार्य नहीं शुरू कराया है।
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बृजेश सिंह ने बताया कि अभी तक जल जीवन मिशन योजना के लिए जलनिगम को नोडल बनाया गया था जिसे हटाकर अब लघु सिंचाई विभाग को नोडल बना दिया गया है। जो भी कार्य कराया जाना है, इसके लिए स्टेट स्तर से टेंडर निकालने की प्रक्रिया चल रही है। जो एजेंसी कार्य लेगी, वह घर-घर पानी पहुंचाएगी। इसकी निगरानी लघु सिंचाई विभाग करेगा।
अधिशासी अभियंता जल निगम सनी सिंह ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत चार लाख 68 हजार घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें 64 हजार घरों में पानी पहुंचाने का काम जलनिगम कर रहा है। इसके लिए करीब 48 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए है। शेष घरों में पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी लघु सिंचाई विभाग को सौंपी गई है।