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Raebareli News: 435 नहरों में नहीं छोड़ा गया पानी, उड़ रही धूल

Sat, 14 Jun 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली में बछरावां क्षेत्र में सूखी नहर।   -संवाद
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रायबरेली। खरीफ की फसलों की सिंचाई और धान की नर्सरी डालने के पहले ही किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। जिले की 435 नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। नहरों में धूल उड़ रही है। इन नहरों में शारदा सहायक नहर और डलमऊ पंप कैनाल से पानी आता है। दोनों बड़ी नहराें में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में जिले के साढ़े चार लाख किसान धान की रोपाई के लिए बेड़न नहीं डाल पा रहे हैं।
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जिले में खरीफ की फसल का सीजन शुरू हो गया है। खासकर धान की रोपाई की जानी है। इस साल डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को धान की बेड़न डालने के लिए 435 नहरों में पानी आने का इंतजार है जो सूखी पड़ी हैं।

जगतपुर के रामप्रकाश, सलोन के मातादीन, छतोह के रामेश्वर, डीह के रहने वाले किसान विष्णु जायसवाल ने बताया कि समय से धान की नर्सरी नहीं डाली गई तो पैदावार पर असर पड़ेगा। इसके अलावा पानी के अभाव में उर्द, मूंग, अरहर की फसल सूख रही है।
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यही हाल रहा तो धान की पैदावार घट जाएरी। कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि धान की नर्सरी डालने का अनुकूल समय 15 जून तक है। इसके बाद नर्सरी डालने पर रोपाई विलंब से होती है।



भीषण गर्मी में पानी का संकट
शिवगढ़। भीषण गर्मी में नहरें सूखी हैं। इससे जहां पशु-पक्षियों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है, वहीं पानी के अभाव में किसान भी चिंतित हैं। देहली के किसान बृजेंद्र द्विवेदी, बैंती गांव के हौसला रावत, शिवली के विनोद बाजपेयी, कृष्ण कुमार सिंह, भवानीगढ़ के लल्लन सिंह, रामप्रकाश शुक्ला, नेरुवा के विजय रावत, कोटवा के संतोष शुक्ला, कसना के रामकिशोर मौर्य, पिपरी निवासी सुरेश मौर्य का कहना है कि गर्मी में धान की नर्सरी डालना कठिन हो रहा है। पंपिंगसेट से डीजल की महंगाई में धान की नर्सरी डालना संभव नहीं है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। (संवाद)


2200 किलोमीटर का फैला है नहरों का जाल
जिले में छोटी और बड़ी 435 नहरें हैं जिनकी लंबाई करीब 2200 किलोमीटर है। ज्यादातर किसान नहरों के पानी से धान की रोपाई और नर्सरी डालते हैं। जिन किसानों के पास निजी नलकूप की सुविधा है, वे लोग तो किसी तरह धान की नर्सरी डाल चुके हैं लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई का मुख्य जरिया नहर का पानी है, उनके सामने नर्सरी डालने का संकट है।


जल्द पहुंचाया जाएगा नहरों में पानी
अनुरक्षण के चलते शारदा सहायक नहर में पानी रोका गया है। इसके चलते नहरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जल्द ही शारदा सहायक नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में हैं।
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-बीपी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड रायबरेली
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