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पाइप लाइन ध्वस्त तो कहीं मोटर खराब, जलापूर्ति ठप

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खीरों-डीह (रायबरेली)। ग्रामीण आंचलों में लगी पानी की पुरानी टंकियां लोगों की प्यास बुझाने में असफल साबित हो रही है। कहीं पाइपलाइन टूटी है तो कहीं मोटर खराब पड़ी है।
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खीरों क्षेत्र के मझिगवां में टंकी की मुख्य पाइप लाइन ध्वस्त होने से पिछले ढाई साल से जलापूर्ति ठप है। वहीं डीह ब्लॉक मुख्यालय के पास लगी पानी की टंकी की एक मोटर खराब होने से कुछ गांवों में ही पानी पहुंच रहा है।
जल जीवन मिशन योजना के इन टंकियों को ठीक करवाया जाना है लेकिन कार्यदायी संस्था के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
खीरों ब्लॉक क्षेत्र के मझिगवां में लगी पानी की टंकी से देवगांव, केतनापुर, रमुवापुर व उदवतपुर आदि गांव में जलापूर्ति होती थी।
ढाई साल पहले खीरों-सेमरी मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान मुख्य पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से आपूर्ति बंद है। ग्रामीण पिंटू यादव, धनपति, विश्राम व रमेश कुमार ने बताया कि पानी की सप्लाई न होने से लोगों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों के मुताबिक जब से जलापूर्ति बंद है कोई कर्मचारी नहीं रहता। देखरेख के अभाव में टंकी और पंप हाउस झाड़ियों से घिर गया है, लोगों ने अतिक्रमण शुरू कर दिया है।
उधर, डीह ब्लॉक मुख्यालय के पास पानी की टंकी है। इससे गड़वा, निगोही, डेला, डीह, अहल कचनावा, सादीपुर व कोटवा आदि गांवों को पानी की आपूर्ति होती है। इस समय लगभग 800 उपभोक्ता हैं।
पानी टंकी भरने के लिए दो पंप हैं, जिनके चलने पर टंकी जल्दी भर जाती थी। हालांकि पांच महीने से एक पंप की मोटर जलने से टंकी पूरी नहीं भर पाती है। पानी कुछ ही गांवों में पहुंच पाता है।
ग्रामीण उमेश कुमार, विनोद अग्रहरि, रंजीत सिंह, शिव पूजन, मगन सिंह ने बताया कि पानी की आपूर्ति सुबह होती है। कुछ ही देर बाद पानी आना बंद हो जाता है। इससे हमको परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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जल जीवन मिशन से कराया जाएगा सुधार
जिले में चल रही जल जीवन मिशन योजना से पुरानी टंकियों को ठीक करवाया जाना है। कार्यदायी एजेंसी को पुरानी टंकियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- एसपी सरोज, सहायक अभियंता जलनिगम ग्रामीण
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