एससी-एसटी एक्ट और छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को बचाने के लिए घूस लेने वाले दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में एसपी ने उपनिरीक्षक समेत कई लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है। मामले की विवेचना सीओ डलमऊ अशोक सिंह को सौंपी गई है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
जगतपुर कोतवाली में दर्ज एससी-एसटी एक्ट और छेड़छाड़ के मामले में घूस लेते हुए दरोगा मोहन कृष्ण त्रिपाठी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। इसका वीडियो वायरल होने पर एसपी श्लोक कुमार ने सीओ डलमऊ से जांच कराई। जांच में पाया गया कि एससी-एसटी एक्ट व छेड़छाड़ के मामले में आरोपी रामविशुन चौधरी का नाम हटा दिया गया था। नाम हटाने का पैसा लेने दरोगा एक निजी घर में गया था, जहां वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया।
साथ ही मामले में दरोगा के अलावा आरोपी रहे रामविशुन चौधरी समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ जगतपुर कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में दरोगा को निलंबित करके केस दर्ज करा दिया गया है। विवेचना सीओ डलमऊ से कराई जा रही है। जिस आरोपी का एफआईआर से नाम निकाला गया है, उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मुकदमा दर्ज हैं। विवेचना में और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। भ्रष्टाचार के मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
थानों पर भ्रष्टाचार के बढ़ रहे हैं केस
ईमानदार एसपी की साख पर पुलिस कर्मी बट्टा लगा रहे हैं। हाल ये है कि थानों पर भ्रष्टाचार के केस बढ़ रहे हैं। इससे पहले इसी माह तत्कालीन महिला थानेदार उमा अग्रवाल का घूस लेते हुए वीडियो वायरल हो चुका है। हालांकि इस मामले में उमा अग्रवाल को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का केस दर्ज नहीं कराया गया। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले मिल एरिया थाने में पैसा लेने पर एक सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कराया जा चुका है। अब जगतपुर कोतवाली में तैनात दरोगा का घूस लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है। लालगंज के तत्कालीन कोतवाल अरुण कुमार को भी भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किया जा चुका है। एसपी श्लोक कुमार का कहना है कि थानों पर भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। जो मामले प्रकाश में आते हैं, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाती है।