कोर्ट ने दुराचार के मामले में एक अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 70 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित एफटीसी तृतीय के अपर सत्र न्यायाधीश इफराक अहमद ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) नरेंद्र कुमार यादव के मुताबिक घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 5 सितंबर 2013 को वादी काम से गया था। घर पर बेटी अकेली थी।
तभी गांव के अपनी ससुराल में रह रहे शमीम निवासी अजबगढ़ थाना जामों जिला अमेठी ने घर में घुसकर धमकाते हुए दुराचार किया। वादी ने थाने में सूचना दी। कोई कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस व तर्क सुनने के बाद अभियुक्त शमीम को दुराचार समेत अन्य धाराओं में दोष सिद्ध कर सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड से आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।