जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे के दौरान ईएमओ से नोकझोंक करता तीमारदार।
रायबरेली। जिला अस्पताल में तमाम प्रयायों के बाद भी मरीजों को बाजार की दवाएं लिखने पर रोक नहीं लग पा रही है। शुक्रवार रात इमरजेंसी में लाए गए मरीज को महंगे इंजेक्शन बाजार से लाने के लिए लिख दिया गया। इससे गुस्साए लाेगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्डों से भी लोगों की कहासुनी हुई। शनिवार को मामले की शिकायत डीएम से की गई। डीएम ने सीएमएस को कार्रवाई करते हुए जवाब देने के आदेश दिए हैं।
सिर दर्द और चक्कर की समस्या होने पर शुक्रवार की रात करीब 11 बजे पूरे बैसन मजरे पिंडरी सरगही निवासी राजवीर सिंह को हरचंदपुर सीएचसी ले जाया गया। इसके बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने 525 रुपये का इंजेक्शन बाजार से खरीदने के लिए परची थमा दी। विरोध करने पर चिकित्सक ने कहा कि हमेशा यह इंजेक्शन लिखते हैं। जो करना हो कर लो। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। सुरक्षा गार्डों और लोगों में भी कहासुनी हुई।
शनिवार सुबह लोगों ने मामले की शिकायत डीएम से की। डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी का मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमएस को जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में लोग हंगामा न किया करें। समस्या की शिकायत करें। संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे के दौरान ईएमओ से नोकझोंक करता तीमारदार।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामे के दौरान ईएमओ से नोकझोंक करता तीमारदार।