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UP Election 2022: रायबरेली की महिलाओं ने 13 मुद्दे उठाए, राजनीतिक दलों के बारे में भी खुलकर चर्चा की

Mon, 20 Dec 2021 01:55 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली

सार

चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रायबरेली की महिलाओं के बीच पहुंचा। यहां महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। ये भी बताया कि इस बार वह किन मुद्दों पर वोट करेंगी। 
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रायबरेली में चुनावी मुद्दों पर महिलाओं ने चर्चा की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायबरेली में महिलाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर अपनी बात रखी। करीब आधे घंटे के कार्यक्रम में महिलाओं ने 11 बड़े मुद्दे उठाए। कई महिलाएं मौजूदा सरकार की योजनाओं से खुश दिखीं तो कुछ ने नाराजगी भी जाहिर की। पढ़िए महिलाओं ने क्या कहा? 
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विकास, रोजगार, शिक्षा के मुद्दे पर क्या बोलीं? 

रायबरेली में चुनावी मुद्दों पर महिलाओं ने चर्चा की। - फोटो : अमर उजाला
अंजू त्रिपाठी ने कहा कि पहले के मुकाबले काफी विकास कार्य हुए हैं। सड़कों का विकास हुआ है, सीवर लाइन की व्यवस्था ठीक हुई है। स्मृति सिंह ने कहा कि 25 साल में मुझे यहां कोई बदलाव नहीं दिखा। यहां ट्रैफिक व्यवस्था खराब है। साफ-सफाई नहीं रहती। योजनाओं का सही से क्रियान्वयन भी नहीं होता है। हालांकि, स्मृति ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अच्छा काम कर रहे हैं।  

गायत्री कसौंधन ने कहा कि यहां की सड़कों का विकास नहीं हो रहा है। गड्डे बहुत ज्यादा हैं। रायबरेली से ज्यादातर कांग्रेस ने जीत हासिल की, लेकिन कोई काम नहीं किया। प्रवीणा श्रीवास्तव ने कहा कि रायबरेली को जो कुछ मिला वो इंदिरा गांधी की देन है। अब रायबरेली के साथ भेदभाव हो रहा है। 

एक महिला ने महंगाई का मुद्दा उठाया। कहा, पहले जो 100 रुपये का तेल मिलता था, आज 250 रुपये का मिल रहा। सरकार मुफ्त राशन जरूर दे रही है, लेकिन वो भी हमारी जेब से लेकर ही दे रही है। सुषमा आर्या ने कहा कि रायबरेली इंदिरा गांधी की देन है। इंदिरा ने रायबरेली को चमका दिया था। बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। 

उद्यमी स्नेहलता त्रिवेदी ने मौजूदा सरकार की तारीफ की। कहा कि सरकार ने स्वरोजगार को काफी बढ़ावा दिया है। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर ही मैंने खुद का उद्यम शुरू किया है। स्नेहलता ने उन महिलाओं पर निशाना साधा जो बेरोजगारी की बात कहती हैं। कहा कि घर में बैठकर रोजगार नहीं मिलता है। स्वरोजगार के लिए सरकार ने बहुत सारी योजनाएं शुरू की हैं। 10 लाख रुपए तक के लोन के लिए सरकार 35% सब्सिडी दे रही है। मतलब उन 10 लाख में से तीन लाख रुपए सरकार को वापस नहीं करना होगा। इसके अलावा जो सात लाख रुपए होगा उसपर भी ब्याज नहीं देना होगा। स्नेहलता ने कहा कि पहले रायबरेली में न सड़कें ठीक थीं और न हाईवे थे। अब यहां काफी विकास हो रहा है। हाईवे और सड़क बन चुके हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे बन रहा है। यहीं से बुलेट ट्रेन भी निकलेगी। 

अनीसा तनवीर ने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने रायबरेली के लिए कुछ नहीं किया। हालांकि, अनीसा स्वरोजगार के मुद्दे पर स्नेहलता के सवालों का जवाब नहीं दे पाईं। इंदिरानगर में एनजीओ चलाने वाली एक समाजसेविका ने कहा कि सरकार 18 से 40 उम्र तक की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए लोन दे रही है। शिक्षिका एकता श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीति को धर्म से अलग करना चाहिए। 

शिक्षिका नाजमी ने कहा कि इस वक्त मुख्य मुद्दा छात्रों का है। पेपर लीक हो गया है। सीटेट परीक्षा के दौरान भी सर्वर डाउन हो गया। इन घटनाओं से हर युवा परेशान है। एक महिला ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। कहा कि यहां हर हफ्ते रेप की कम से कम एक घटना जरूर होती है। हालांकि ओवरऑल कामकाम के मामले में महिला ने योगी सरकार की तारीफ की। कहा कि यहां कांग्रेस लंबे समय से रही है, लेकिन कुछ विकास नहीं किया है। योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर काफी हद तक लगाम लगाया। 

पार्षद पूनम तिवारी ने कहा कि रायबरेली विकास से बहुत पीछे है। जब चुनाव आता है तो सब विकास के दावे करते हैं। यहां बहुत गंदगी है। 
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इन 11 मुद्दों पर महिलाओं का सबसे ज्यादा फोकस

रायबरेली में चुनावी मुद्दों पर महिलाओं ने चर्चा की। - फोटो : अमर उजाला
1. शशिदेवी ने जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा उठाया। कहा कि सरकार को इसपे ध्यान देना चाहिए।  
2. विमलेश मिश्रा ने कहा कि बारिश में कई इलाकों में जलभराव हो जाता है। सरकार को इसपर ध्यान देना चाहिए। 
3. विनीता राव अकेला ने कहा कि वन नेशन वन स्कूल की व्यवस्था शुरू करनी चाहिए। हर वर्ग को बराबर मौका मिलना चाहिए। 
4. पूनम देवी ने शहर में पार्क की कमी का मुद्दा उठाया। कहा कि बच्चों को घुमाने के लिए यहां कुछ नहीं है। 
5. शिक्षिका सीमा मिश्रा ने कहा कि हर योजना और आदेशों का क्रियान्वयन सही तरीके से होना चाहिए। शराब और गुटखा पर पाबंदी होनी चाहिए। सरकार अच्छा काम कर रही है। 
6. सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि अभी लोगों में जागरूकता की कमी है। सरकार को चाहिए कि हर योजनाओं का सही तरीके से प्रचार-प्रसार हो। 
7. गरिमा अग्रवाल ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार कम हो तो सभी योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल सकेगा। सभी सरकारों को इसपर ध्यान देना चाहिए। 
8. शिक्षिका रश्मि वाजपेयी ने कहा कि बच्चे स्कूल में एडमिशन ले लेते हैं, लेकिन स्कूल नहीं आते हैं। इसलिए अभिभावकों के लिए भी नियम बनना चाहिए। 
9. शिक्षिका भावना श्रीवास्तव ने आवारा पशुओं का मुद्दा उठाया। कहा कि सड़कों के किनारे बहुत से आवारा पशु घूमते हैं। इससे हादसे ज्यादा होते हैं। पूनम सिंह ने भी कहा किह आवारा पशुओं से किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 
10. सरोज शुक्ला ने स्कूलों में खाना बनाने वाली महिलाओं को केवल 1500 रुपए का वेतन मिलता है। बच्चों को स्मार्ट फोन, टैबलेट का एलान तो सरकार ने कर दिया था, लेकिन किसी को नहीं मिला।  
11. शिक्षिका गरिमा मिश्रा ने प्राइवेट शिक्षकों का मुद्दा उठाया। कहा कि सरकार को ऐसे शिक्षकों का भी ध्यान रखना चाहिए। 
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