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ऊंचाहार एक्सप्रेस तीन घंटे लेट, दूसरी ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी

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रायबरेली। सर्द मौसम में कोहरे ने ट्रेनों का संचालन पटरी से उतार दिया था। कई ट्रेनें निरस्त करनी पड़ी थीं। जो ट्रेनें चल रही थीं, उनकी लेटलतीफी बहुत ज्यादा थी।
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अब कोहरा खत्म हो चुका है, फिर भी गाड़ियों की लेटलतीफी दूर नहीं हो रही है। कई गाड़ियां अब भी बहुत ज्यादा लेट चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।
उन्हें ट्रेनों के इंतजार में रेलवे स्टेशन पर इधर-उधर टहल कर समय बिताना पड़ रहा है। रविवार को ऊंचाहार एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से आई तो पद्मावत, नौचंदी, त्रिवेणी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें डेढ़-डेढ़ घंटे लेट रही।
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प्रयागराज संगम से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस इस जिले के ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज स्टेशनों पर ढाई से तीन घंटे की देरी से पहुंची।
इससे यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। इसी तरह टनकपुर से चोपन जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस और देहरादून से वाराणसी जाने वाली जनता मेल लगभग पौने दो घंटे की देरी से रायबरेली जंक्शन पहुंची।
दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस, चोपन से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस डेढ़-डेढ़ घंटे लेट रही।
हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल एक घंटे तो अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल सवा घंटे विलंब से आई। प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटे लेट रही।
नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस शनिवार की मध्यरात्रि दो घंटे की देरी से यहां पहुंची। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि ट्रेनों की लेटलतीफी पहले से काफी कम हुई है। इस समय जो ट्रेनें देर से आ रही हैं, वे लंबी दूरी की होने की वजह से पिछले स्टेशनों से ही लेट हो रही हैं।
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