रायबरेली। ऊंचाहार एक्सप्रेस ने मंगलवार को लेट-लतीफी की हद पार कर दी। करीब आठ घंटे देरी से ऊंचाहार स्टेशन पहुंची। इससे ट्रेन में सवार यात्रियों दिक्कतें तो हुईं ही, स्टेशन पर भी यात्री ट्रेन के इंतजार में झेल गए। समय से ट्रेन नहीं आने से ज्यादातर यात्री बसों के सहारे गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं मंगलवार को टनकपुर-शक्ति नगर त्रिवेणी एक्सप्रेस और बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस निरस्त रही।
मंगलवार को ट्रेनें कोहरे के कारण लेट रहीं। इससे यात्रियों को सर्दी का सामना करते हुए ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। स्टेशन पर ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए थे। ऊंचाहार एक्सप्रेस आठ घंटे लेट रही। प्रयागराज संगम व चंडीगढ़ के बीच प्रतिदिन ऊंचाहार एक्सप्रेस आवागमन होता है। इस रेलखंड की एकमात्र लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेन है। ऊंचाहार एक्सप्रेस से प्रतिदिन क्षेत्र के लगभग एक हजार उन्नाव, कानपुर, दिल्ली, टानिपत, गाजियाबाद, अंबाला व चंडीगढ़ के साथ ही प्रयागराज की यात्रा करते हैं। स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोहरा होने से ट्रेनें देरी से आ रही हैं।
इसी तरह ऋषिकेश-प्रयागराज एक्सप्रेस 3:30 घंटे, आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस तीन घंटे, सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे, प्रयागराज-बरेली एक्सप्रेस और दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस दो घंटे, देहरादून-बनारस जनता मेल पौने दो घंटे, लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर और अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल डेढ़ घंटे, शक्ति नगर-टनकपुर त्रिवेणी एक्सप्रेस और प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल, बनारस-देहरादून जनता मेल और पटना-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस पौन घंटे, गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत, प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस और लखनऊ-प्रयागराज इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से आई।