कोहरे और ठंड की वजह से ट्रेनों की लेटलतीफी ने डेली पैसेंजरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रेलवे ने नीलांचल सुपरफास्ट (12875) और काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (14258) ट्रेन बुधवार को निरस्त कर दी। जिन मुसाफिरों को ट्रेनों के निरस्तीकरण की सूचना मिल गई वे तो परेशानी से बच गए, लेकिन तमाम मुसाफिर को कठिनाईयां झेलनी पड़ी।
लोग रेलवे स्टेशन पहुंचे तो यहां ट्रेनों के निरस्त होने का पता चला। इसके बाद किसी ने बस तो किसी टैक्सी का सहारा लिया। ऐसे में रोडवेज की बसों में खासी भीड़ रही। रायबरेली से नौकरी और पढ़ाई के लिए लखनऊ आने-जाने वालों की संख्या कम नहीं है।
लोग सबसे ज्यादा प्रतापगढ़-लखनऊ के लिए चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और इलाहाबाद से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस का सहारा लेते थे। वर्तमान समय में दोनों का संचालन पटरी से उतरा है। ये ट्रेनें प्रतिदिन एक से लेकर छह घंटे तक देरी से चल रही हैं।
ऐसे में मुसाफिरों को बसों या डग्गामार वाहनों में अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन बुधवार को छह घंटे देरी से आई। इलाहाबाद से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस बुधवार को डेढ़ घंटेे लेट रही।
लखनऊ से प्रतापगढ़ की तरफ जाने वाली इंटरसिटी पांच घंटे देरी से रायबरेली पहुंची। इन ट्रेनों में डेली पैसेंजर ज्यादा सफर करते हैं। ट्रेनों के संचालन को लेकर जब मुसाफिरों से बात की गई तो उन्होंने रेलवे के अफसरों के खिलाफ नाराजगी जताई।
अयोध्या प्रसाद और प्रमोद ने कहा कि रेल महकमा सिर्फ राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। सुविधाओं पर नहीं। गणेश और सुरेश ने बताया कि प्रतिदिन ट्रेनें लेट हो रही हैं। डेली पैसेंजर को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, बावजूद इसके अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पवन कुमार और भोलानाथ ने कहा कि सर्दी में हर बार यह समस्या रहती है। बावजूद इसके अधिकारी व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक एके श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे और ठंड के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
कोहरे में सुरक्षा के नजरिए से ट्रेनों की रफ्तार कम हो गई। इसका भी असर पड़ रहा है। ट्रेनों के बारे में स्टेशन पर मुसाफिरों को समय पर सही जानकारी मिलती रही, इसका ध्यान रखा जा रहा है, ताकि उन्हें परेशानी न झेलनी पड़े।