रायबरेली। शहर के रेलवे स्टेशन से चलने वाली जौनपुर इंटरसिटी में बृहस्पतिवार को दो कोच बदल दिए गए। पुराने कोच ट्रेन से हटाकर अलग खड़े करा दिए गए हैं। दो कोच फिर आ गए हैं, जिन्हें तय शेड्यूल में बदला जाएगा। बाकी दो कोच भी इसी महीने के अंत तक मिलने की संभावना है। ट्रेन से जो भी पुराने कोच निकलेंगे, उन्हें वर्कशॉप भेजा जाएगा।
रायबरेली और जौनपुर के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस दौड़ती है। इसमें 10 कोच लगे होते हैं। सुबह यह ट्रेन रायबरेली से जौनपुर के लिए दौड़ती है। रात में जौनपुर से रायबरेली लौटती है। ट्रेन में लगे कोच को एक निश्चित अवधि पर मेंटीनेंस के लिए भेजा जाता है। इस इंटरसिटी में लगे छह कोच ऐसे हैं, जिनकी मेंटीनेंस अवधि पूरी होने वाली है। इसीलिए इन कोचों को बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
चार दिन पहले दो कोच आ गए थे, जिन्हें जौनपुर इंटरसिटी में लगाकर ट्रेन से दो पुराने कोच हटा दिए गए हैं। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद कुमार का कहना है कि दो कोच और आए हैं, जिन्हें कुछ दिन बाद जौनपुर इंटरसिटी में लगा देंगे। बाकी दो कोचों के आने का इंतजार किया जा रहा है। ट्रेन से निकलने वाले सभी पुराने कोचों को वर्कशॉप भेजा जाएगा।
दो दिन से खड़ा टॉवर वैगन
रायबरेली। वाराणसी जाने के लिए नया टॉवर वैगन आया है, जो रायबरेली और गंगागंज स्टेशनों के बीच दो दिन से मंडरा रहा है। अभी इसे आगे भेजने की कोई रूपरेखा तय नहीं हो पाई है। रेलवे ट्रैक की विद्युत लाइन की मेंटीनेंस में प्रयुक्त होने वाले इस टॉवर वैगन को भेजने से पहले फिटनेस लेना होगा। बताया गया कि यह टॉवर वैगन पटियाला से रायबरेली आया, जिसे गंगागंज में खड़ा करा दिया गया। किसी ट्रेन से जोड़कर भेजे जाने की बात कही गई, लेकिन अभी भेजा नहीं जा सका है। कोचिंग डिपो अफसर अरविंद कुमार का कहना है कि टॉवर वैगन को भेजने का शेड्यूल तय होगा तो उसके पहले फिटनेस देने की प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी।