लालगंज । ओरी का पुरवा मजरे महाखेड़ा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार को कथावाचक पं. आयुष कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन का प्रसंग सुनाया गया।
कहा कि जब निर्धन सुदामा वर्षों बाद अपने मित्र से मिलने द्वारका पहुंचे तो भगवान श्रीकृष्ण खुद द्वार पर दौड़ते हुए आए और उन्हें गले लगा लिया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के चरण धोए। उन्हें आसन पर आदर पूर्वक बैठाया। उस दृश्य का संगीत मय वर्णन सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। कथा व्यास ने कहा कि सच्चे संबंधों में लोभ या स्वार्थ का कोई स्थान नहीं होता। सच्चे संबंध प्रेम और विश्वास पर टिके होते हैं। इस अवसर पर सुरेश दीक्षित, अशोक तिवारी वैभव दिक्षित, अंकित, रामचंद्र मिश्र व देवी कुमार वाजपेयी मौजूद रहे।