रायबरेली। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र में लगा 40 लाख कीमत का पांच एमवीए ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। उपकेंद्र में रखे दूसरे ट्रांसफार्मर पर लोड देकर चलाया जा रहा है। इससे ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है। वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली उपकरण काम नहीं कर रहे हैं।
रनापुर विद्युत उपकेंद्र से भोजपुर, राजापुर, उसरू, रावतपुर, रामबाग व नलकूप फीडर निकले हैं। यहां पर पांच-पांच एमवीए के तीन ट्रांसफार्मर लगे हैं। उपकेंद्र से करीब 125 गांवों को बिजली की आपूर्ति होती है। सोमवार को एक ट्रांसफार्मर खराब हो गया। ट्रांसफार्मर से निकले रावतपुर और रामबाग फीडर की बिजली गुल हो गई।
अभियंताओं ने उपकेंद्र में लगे दूसरे ट्रांसफार्मरों पर रावतपुर और रामबाग फीडर को जोड़कर आपूर्ति की। इससे अन्य दोनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए। इससे ट्रिपिंग और वोल्टेज की समस्या बढ़ गई। उपभोक्ता रामपाल, शिवकुमार, जगतपुर ने बताया कि वोल्टेज इतना कम रहता है कि बल्ब टिमटिमाते रहते हैं। नलकूप की मोटरें नहीं चल पा रहीं हैं। अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी आई। जांच के बाद पता चलेगा कि ट्रांसफार्मर कैसे खराब हुआ है।
जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज
प्रबंधन ने ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं की जवाबदेही तय की है। उपकेंद्र में लगे बड़े ट्रांसफार्मर खराब होने पर मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता की जवाबदेही होती है। शायद यही वजह है कि अभियंता ट्रांसफार्मर खराब होने के मामले को दबाने में जुटे हैं। 15 दिन पहले बेहटा उपकेंद्र में लगा पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया था। गुपचुप तरीके से दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।