रायबरेली। शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। यह हाल तब है, जब हर साल अनुरक्षण कार्य में लाखों रुपये खर्च होते हैं। सोमवार को इंदिरा नगर उपकेंद्र की पहले 33 केवी लाइन में खराबी आई, उसके बाद उपकेंद्र ट्रांसफार्मर में समस्या गई। करीब पांच घंटे बत्ती गुल रही। इससे एक लाख आबादी गर्मी से बेहाल रही देर शाम आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
इंदिरा नगर उपकेंद्र से करीब 30 से ज्यादा मोहल्लों को बिजली आपूर्ति होती है। दोपहर करीब एक बजे उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे बत्ती गुल हो गई। शहर इंदिरा नगर, कैनाल रोड, प्रकाश नगर, कप्तान का पुरवा, मोहद्दीनपुर, साकेत नगर, आनंद नगर, जेल गार्डेन रोड, कैनाल रोड, जिला अस्पताल आदि मोहल्लों की बत्ती गुल हो गई।
करीब एक लाख आबादी गर्मी और उमस से बेहाल रही। इसके अलावा सरकारी विभागों में सिंचाई विभाग, विकास भवन के करीब 10 सरकारी कार्यालयों में बिजली के अभाव में कामकाज प्रभावित रहा है। शाम करीब छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल सकी। सरकार भले ही बेहतर बिजली आपूर्ति का दावा करती हैं, लेकिन शहर क्षेत्र में जर्जर ढांचे के चलते लोगों को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है।
10 साल पहले जिस तरह बिजली मिलती थी, वैसे आज भी बिजली मिल रही है। आपूर्ति को कोई सुधार नहीं हुआ। इंदिरा नगर की 33 केवी सात किलोमीटर लाइन नई बनना प्रस्तावित था, लेकिन लाइन नहीं बन सकी। 45 साल पुरानी लाइन से आज भी आपूर्ति हो रही है। जंगलों से होकर निकली लाइन में आए दिन फॉल्ट बना रहता है।
शहर के शरद मेहरोत्रा, आशीष कुमार, वीरेंद्र कुमार अग्रहरि ने बताया कि आए दिन आपूर्ति बाधित रहती है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। अभियंता इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। उपखंड अधिकारी गोराबाजार अनिल कुशवाह ने कहा कि 33 केवी लाइन में चंपा देवी मंदिर के जंफर कट गया था। इस वजह से आपूर्ति बंद थी। जंफर को जोड़कर आपूर्ति शुरू की गई तो उपकेंद्र के 10 एमबीए ट्रांसफार्मर में कुछ खामी आ गई, जिसे ठीक करके आपूर्ति बहाल करा दी गई है।