रायबरेली। प्रतापगढ़ जिले में रेल लाइन दोहरीकरण के लिए चल रहा नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे प्रतापगढ़ और रायबरेली के रास्ते गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन पटरी पर लौट आया है। करीब एक हफ्ते तक आठ महत्वपूर्ण ट्रेनें निरस्त थीं। दूसरे रास्तों से चलाने के कारण ये नहीं आ रही थीं।
बृहस्पतिवार को सभी ट्रेनें अपने रास्ते से गुजरीं। रायबरेली स्टेशन भी पहुंची तो यात्रियों को राहत मिली। यात्रियों को एक हफ्ते से रोडवेज बसों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे किराये के नाम पर अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही थी। प्रतापगढ़ जिले में रेल लाइन दोहरीकरण के लिए 20 से 26 मार्च तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया।
बुधवार को देर रात नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य पूरा हुआ तो बृहस्पतिवार को सुबह से ट्रेनें पहले की तरह अपने तय रास्तों से चलने लगीं। इस काम के चलते रायबरेली-जैनपुर और जौनपुर-रायबरेली इंटरसिटी एक्सप्रेस रद्द की गई थी। वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल, अमृतसर-हावड़ा पंजाब मेल, पटना-जम्मू तवी अर्चना एक्सप्रेस, जम्मू तवी-पटना अर्चना एक्सप्रेस रूट डायवर्जन की वजह से नहीं आ रही थीं। अब सभी गाड़ियां पहले की तरह चलने लगी हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिल गई है।
उधर, कानपुर में गंगा पुल पर पटरियों को दुरुस्त करने का काम 20 मार्च से चल रहा है, जिससे 30 अप्रैल तक कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। जिले से होकर गुजरने वाली दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें रद्द हैं। इंटरसिटी एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, उद्योग नगरी एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को दूसरे रास्तों से चलाया जा रहा है, जिससे ये ट्रेनें रायबरेली जिले से होकर नहीं चल रही हैं।
इन ट्रेनों से कानपुर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को मुश्किलें हो रही हैं। कानपुर तक का सफर करने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए एक इंटरसिटी और एक स्पेशल ट्रेन गंगा पुल तक चलाई जा रही है। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन का कहना है कि प्रतापगढ़ रूट की ट्रेनें चलने लगी हैं।
ट्रेन चलने का पता चलने पर स्टेशन पहुंचे यात्री
रायबरेली स्टेशन पर पिछले एक हफ्ते से दोपहर में सन्नाटा छाया रहता था। ट्रेनें नहीं आ रही थीं। बृहस्पतिवार को दोपहर में ट्रेनों का इंतजार करते काफी यात्री दिखे, जिन्होंने ट्रेनें चलने पर खुशी जताई। भीरा गोविंदपुर के रहे वाले राम सुमेर वर्मा ने बताया कि उन्हें बादशाहपुर जाना है। पंजाब मेल का इंतजार कर रहे हैं। इंटरनेट के जरिए पता किया, तभी स्टेशन आए हैं।
अंजलि श्रीवास्तव गौरीगंज की रहने वाली हैं। रायबरेली शहर में दवा लेने आई थीं, जो गौरीगंज वापस जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। बनारस इंटरसिटी काफी लेट थी, जिससे पंजाब मेल का इंतजार कर रही थी। ट्रेनें न चलने से दिक्कत हो रही थी। रमेश सिंह को कोलकाता जाना है। पंजाब मेल का इंतजार कर रहे थे, जो एक हफ्ते से रूट डायवर्जन की वजह से नहीं आ रही थी। रमेश सिंह ने कहा कि ट्रेन चल गई है। इससे राहत है।