ऊंचाहार (रायबरेली)। ऊंचाहार-उन्नाव रेलखंड पर इलेक्ट्रिक पोल पर लगा बैलेंस वेट जमीन आ गिरा। इससे बिजली की लाइन का तार ढीला हो गया। इस दौरान ट्रैक से गुजर रही कानपुर इंटरसिटी हादसे का शिकार होने से बच गई।
सूचना पर रेल महकमे में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षण को दी। मौके पर रेलवे अधिकारियों के साथ टेक्नीशियन की टीम पहुंची और नया स्टे राड लगाकर संचालन बहाल किया। बताते हैं कि में स्टे राड किसी के काट देने से पोल पर लगा बैलेंस वेट गिरा है।
ऊंचाहार-उन्नाव रेलखंड पर 25 हजार वोल्ट की इलेक्ट्रिक लाइन है। जिस पर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। सोमवार शाम पूरे भोज मजरे पचखरा गांव के पास पोल संख्या 77/9 पर लगा स्टे रॉड किसी ने काट दिया।
इससे पोल पर लगा 665 किलो वजन का बैलेंस वेट जमीन पर आ गिरा, जिससे तार ढीले हो गए। इस दौरान ट्रैक से गुजर रही कानपुर इंटरसिटी हादसे का शिकार होने से बच गई। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे किसी राहगीरों व ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रभारी स्टेशन अधीक्षक मुकेश कुमार को दी।
आननफानन वरिष्ठ खंड अभियंता (कर्षण वितरण) सीपी वर्मा, आरपीएफ इंचार्ज एएन पाठक व जेई नीरज कुमार, टॉवर वैगन लेकर मौके पर पहुंचे और टेक्नीशियन मनीष त्रिपाठी व फिटर नीरज कुमार की टीम ने मरम्मत कार्य शुरू किया।
लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद नया रॉड लगाया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिक तार सही हुआ और रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल हो गया। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि किसी ने रॉड काट दिया था, जिसे ठीक करा दिया गया है। समय पर सूचना मिल जाने से हादसा बच गया।
रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि समय रहते जानकारी न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। रॉड पोल को सीधा खड़ा रखने के लिए लगाया जाता है। जबकि बैलेंस वेट तार में खिंचाव बनाता है। रॉड टूटने के बाद ट्रेनों के गुजरते वक्त कई पोल के टूटने का खतरा बढ़ गया था। हालांकि समय रहते खामी की सूचना मिल गई। इससे हादसा होने से बच गया।