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मां की मेहनत रंग लाई, बेटे ने किया नाम रोशन

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ऊंचाहार (रायबरेली)। पूरे गुरुदत्त पांडेय मजरे कंदरावां गांव निवासी सुरेश कुमार ने 94.5 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में पांचवां स्थान बनाया है। वह सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, एनटीपीसी का छात्र है।
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सुरेश भाई-बहनों में छठवें नंबर पर है। लगभग दस वर्ष पहले उसके पिता की करंट लगने से मौत हो गई थी। उसकी मां उर्मिला देवी प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर में रसोइया हैं।
खेती सिर्फ नाम के लिए है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उसकी मां ने बेटे को पढ़ाने में कोई कसर नहीं रखी। बड़ा भाई राजेश दिल्ली में मजदूरी करता है।
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दूसरे भाई राकेश, मनोज, रमेश घर पर ही रहते हैं। बहन सुनेहा पाल है। सबसे छोटा भाई महेश कक्षा-8 का छात्र है। बेटे के हाईस्कूल में जिले में पांचवां स्थान पाने की खबर से पूरा परिवार गदगद है।
मां ने बेटे को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। सुरेश ने बताया कि मां, भाई व भाभी अपने खर्चे में कटौती कर मुझे पढ़ने के लिए पैसा देते हैं। वह सिविल सेवा में जाना चाहता है, ताकि देश की सेवा कर सके।
सिविल सेवा में जाना चाहती है रितिका
रायबरेली। विबग्योर पब्लिक स्कूल की रितिका वर्मा ने हाईस्कूल में 95 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में चौथी पोजीशन बनाई है। गूढ़ा निवासी राजकिशोर वर्मा एक बुक स्टोर और कैफे चलाते हैं। उनकी बेटी रितिका ने अपनी मेधा से परिवार का नाम रोशन किया है।
उनकी मां रश्मि वर्मा गृहणी हैं। परिवार की इकलौती होने की वजह से वह सबकी लाडली है। पढ़ाई में उसकी लगन और मेहनत को देखते हुए देदौर निवासी मामा अजय सिंह उसे अपने साथ लेकर गए और विबग्योर स्कूल में एडमीशन कराया। अच्छी पढ़ाई ने उसे सफलता दिलाई। रितिका समाजसेवा करना चाहती है। इसीलिए सिविल सेवा में जाना उसका सपना है। उसे चित्रकला से बहुत प्रेम है। इसीलिए खाली समय में चित्र बनाती है।
आठ घंटे पढ़ाई कर पाई सफलता
बछरावां (रायबरेली)। हाईस्कूल में जिले में चौथी पोजीशन बनाने वाले ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल के छात्र मयंक अवस्थी ने 95 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उसने अपनी सफलता का श्रेय पिता मनमोहन अवस्थी, मां रेखा अवस्थी, स्कूल के शिक्षकों को दिया है। मयंक के पिता गांव में इलेक्ट्रिक वायरिंग और साउंड सर्विस का काम करके परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। मयंक ने कहा कि उसने आठ घंटे स्टडी करके यह मुकाम हासिल किया है। वह इंजीनियर बनना चाहता है। मां रेखा अवस्थी गृहणी हैं। छोटा भाई गोविंद अवस्थी कक्षा नौ में पढ़ता है।
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