खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में शनिवार को कीढ़ी खेड़ा मजरे सेमरी गांव में परिवारीजनों के उत्पीड़न से तंग आकर श्रमिक ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव उसके खेत में लगे पेड़ के सहारे लटका मिला। सोमवार सुबह जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कीढी खेड़ा मजरे सेमरी गांव निवासी रमेश कुमार (45) मजदूरी करके परिवार का खर्च चलता था। उसकी पत्नी रेनू ने बताया कि ससुर सुंदरलाल, देवर राकेश, देवरानी व सास ने पैतृक खेतों पर पहले से कब्जा कर रखा है। ससुरालीजन कुछ दिनों से पैतृक मकान से बाहर निकालने के लिए आए दिन गालीगलौज कर मारपीट करते थे।
इसी बात को लेकर 19 जुलाई को चाकू व लात-घूंसों से पति रमेश कुमार की पिटाई की गई। इसका मुकदमा थाने में दर्ज है। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से आरोपी आए दिन प्रताड़ित करते थे। उत्पीड़न से परेशान होकर रमेश अपने रिश्तेदार के यहां शोभवापुर थाना लालगंज चला गया।
पत्नी ने बताया कि रविवार दोपहर वह इंजेक्शन लगवाने की बात कहकर घर से निकले। देर शाम तक वापस न आने पर उनकी खोजबीन की गई लेकिन वह नहीं मिले। सोमवार सुबह खीरों पुलिस ने पति के फांसी लगा लेने की जानकारी दी। पीड़िता ने पति की मौत का जिम्मेदार सास, ससुर, देवर व देवरानी को बताया। कहा कि पैतृक मकान के हिस्से को हड़पने के लिए सभी लोग आए दिन पति व परिवार को मारपीट कर प्रताड़ित करते थे।
श्रमिक की मौत से उसकी पत्नी के अलावा पुत्री कोमल (12) व पुत्र दिव्यांश (2) का रो-रोकर हाल बेहाल है। एसओ हरिशंकर प्रजापति ने बताया कि मृतक रमेश का शव गांव के बाहर उसी के खेत में स्थित आम के पेड़ से लटका पाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की सही वजह सामने आएगी।