रायबरेली। दो दिन से हो रही बारिश से धान की फसल डूब गई है। पानी खेतों में भरा है। जलनिकासी न होनेे से धान की फसल के सड़ने की आशंका है। डीएम हर्षिता माथुर ने धान की फसल के नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को मदद दिलाने की बात कही है। जिले में इस बार एक लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की गई है। रविवार और सोमवार से लगातार बारिश हो रही है। आगे भी मौसम विभाग ने बारिश होने की आशंका जताई है।
बारिश के कारण महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, अमावां, लालगंज ब्लॉक क्षेत्रों में धान की फसल डूब गई है। यह ऐसे इलाके हैं, जहां पर धान की रोपाई सबसे ज्यादा हुई है। कई किसानों की फसल तो पूरी तरह से डूबी है। महराजगंज क्षेत्र के अलीपुर मझिगवां, नाथगंज, सुखलिया, अकबरगंज गांवों के किसानों की धान की फसल डूब गई है।
किसान कौशलेंद्र सिंह, लाल सिंह, नमान सिंह, पप्पू सिंह बताते हैं कि बारिश का पानी खेतों में भरने से धान की फसल डूब गई है। अगर जल्द खेतों से पानी निकासी न हुई तो फसल नष्ट हो जाएगी। इससे लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। किसान रंजीत सिंह, प्रेम परिहार, रामसमुझ, धीरेंद्र, हरीलाल, महादेव बताते हैं कि फसल पूरी तरह से डूब गई है। इससे नुकसान हो रहा है।
उधर, जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि डीएम के निर्देश पर टीमें गठित करके फसल नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद पता चल पाएगा कि धान की फसल का कितना नुकसान हुआ है। नुकसान के हिसाब से किसानों को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
तालाब के उफनाने से गांवों में घुसा पानी, प्रदर्शन
गदागंज। बारिश के कारण डलमऊ ब्लॉक के खोदयपुर गांव में तालाब उफना गया। इससे तालाब का पानी गांव के अंदर घुस गया। ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने पानी में खड़े होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण जगमोहन, बाबूलाल, सुनील, महेश, चंद्रपाल, इंद्रपाल, राकेश कुमार, अरविंद, रामकुमार का कहना है कि पानी निकासी के इंतजाम न होने से समस्या झेलनी पड़ रही है। कई दफा इस पर आवाज उठाई गई, लेकिन न ग्राम प्रधान और न ही बीडीओ ने ध्यान दिया। खंड विकास अधिकारी अशोक सचान ने कहा कि पानी भरने की सूचना मिली है। पानी निकासी के इंतजाम कराए जाएंगे।