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Raebareli News: एक घंटे तक कराहते रहे श्रमिक, नहीं पहुंची एंबुलेंस

Mon, 08 Sep 2025 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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घायल श्रमिक को सीएचसी लालगंज ले जाती पुलिस।
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लालगंज। फायर स्टेशन के निकट रविवार शाम करीब पांच बजे निर्माणाधीन मकान के छज्जे का लिंटर गिरने से राजमिस्त्री रमेश प्रजापति और श्रमिक रामू व रज्जब अली 30 फुट की ऊंचाई से नीचे गिरे तो अफरातफरी मच गई। तीनों को सीएचसी पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन एंबुलेंस एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उसके बाद तीनों को सीएचसी जे जाया गया। वहां पर रमेश प्रजापति को मृत घोषित कर दिया गया।
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रामू और रज्जब अली को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रात करीब आठ बजे दोनों ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना में एबुलेंस के देर से पहुंचने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि यदि एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो रामू और रज्जब की जान बच सकती थी। असल में जब तीनों लोग जमीन पर गिरे तो रमेश प्रजापति को होश नहीं था। शरीर में हरकत नहीं हो रही थी।

जबकि रामू और रज्जब अली कराह रहे थे। सीएचसी जब तीनों को लाया गया तो रमेश की मौत हो चुकी थी और रामू व रज्जब अली की हालत गंभीर हो गई थी। यही कारण था कि उन दोनों को चिकित्सकों ने तुरंत ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
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मौके पर नहीं थे भवन स्वामी
जब घटना हुई तो भवन स्वामी योगेश यादव मौके पर नहीं थे। वह कहीं गए हुए थे। योगेश का मकान तीन माह से बन रहा है। रमेश प्रजापति, रामू और रज्जब अली ने चार दिन पहलेे ही काम करना शुरू किया था। तीनों के परिवार के लोग उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब तीनों ने निर्माणाधीन मकान में काम करना शुरू किया था।

रमेश प्रजापति की मौत से उनके परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल है। रमेश का बड़ा बेटा अमरेश बाहर है। वह गैर जनपद में काम करता है। छोटा बेटा विशाल और बेटी मानसी स्कूल में पढ़ते हैं। पिता की मौत से विशाल और मानसी बिलख-बिलख कर रो रहे थे। पत्नी माया देवी पति की मौत से बदहवास नजर आई। सीएचसी लालगंज में वह पति के जीवन की सलामती के लिए चिकित्सकों के सामने रोती रही।
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