जिला कारागार में मंगलवार को बवाल के चलते बंदियों से मिलने पर रोक लगा दी गई। इससे सात घंटे तक मुलाकातियों को परेशान होना पड़ा। कोई लखनऊ से तो कोई जौनपुर से चलकर यहां पहुंचा था।
हर बार गेट पर पहुंचकर जेल कर्मियों से पूछते तो यही जवाब मिलता है कि मामला शांत होने के बाद ही मुलाकात कराई जाएगी। हालांकि दोपहर बाद दो बजे से मुलाकात का दौर शुरू कराया गया, तब कहीं जाकर लोगों में चैन आया।
लखनऊ के कैलाशपुरी निवासी अभिषेक अस्थाना का दोस्त रामकेवल वर्मा यहां धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद है। अभिषेक कहते हैं कि सुबह छह बजे ही दोस्त से मिलने आया था।
भूखे प्यासे रहकर दोस्त से मिलने का इंतजार करता रहा। सात घंटे तक मुलाकात के लिए इंतजार करना पड़ा। कसियापुर निवासी रामकृष्ण हत्या के केस में बंद रामदुलारे से मिलने आया था।
उसे भी रामदुलारे से मिलने में परेशानी झेलनी पड़ी। सलोन कोतवाली क्षेत्र के सरवन का मो. मेराज जेल में बंद भाई शौकत अली से मिलने आया था। उसका भाई रंगदारी के मामले में जेल में बंद है।
उनका कहना था कि एक महीने पहले मिला था। यहां आया तो बवाल हो गया। इससे मिलने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। जौनपुर के रहने वाले सर्वजीत ने बताया कि उसका दोस्त सुनील जेल में बंद है। उसे भी मिलने को परेशान होना पड़ा।