रायबरेली में विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में गो संरक्षण अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति
रायबरेली। उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने शुक्रवार को जिले की विभिन्न गोशालाओं का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की और लापरवाही बरतने पर सख्त निर्देश दिए।
उपाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में गेहूं की कटाई चल रही है और भूसा सस्ती दरों पर उपलब्ध है, इसलिए सभी गोशालाओं में कम से कम छह महीने का भूसा स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बढ़ते तापमान को देखते हुए गोवंशों के लिए पीने के पानी, शेड और हरे चारे के पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए।
इससे पहले उन्होंने अमावां के त्रिपुला स्थित कान्ह गोवंश विहार, लोधवारी के अस्थायी गो-आश्रय स्थल और राही के बेलखारा स्थित वृहद गो-आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीमार पशुओं के लिए अलग से सिक वार्ड बनाया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गोष्ठियां आयोजित कर किसानों को गो-आधारित प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने, वर्मी कंपोस्ट बनाने और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करने पर जोर दिया।
इस मौके पर सीडीओ अंजुलता, एएसपी आलोक सिंह, अपर निदेशक पशुपालन डॉ. अजय कुमार कन्नौजिया, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार द्विवेदी आदि अधिकारी मौजूद रहे।