रायबरेली। जिले की बछरावां सीएचसी में अव्यवस्था का बोलबाला है। पिछले साल अगस्त में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी जब निरीक्षण किया था तो लापरवाही मिली थी। लगातार शिकायतों के बाद डिप्टी सीएम ने 30 मई को अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता को निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। इस दौरान सीएचसी की खामियां मिली।
मंगलवार को डिप्टी सीएम ने पांच चिकित्सकों को बर्खास्त करने के साथ चिकित्सा अधीक्षक और बाल रोग विशेषज्ञ के खिलाफ विभागीय जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बछरावां सीएचसी में 12 चिकित्सक के साथ चिकित्सा अधीक्षक की नियुक्ति है। हाल यह है कि डॉ नीलिमा आर्या और डॉ. अंजू वर्मा कभी सीएचसी नहीं आई। इसी तरह डॉ. मनीष कुमार, डॉ. प्रशांत कुमार व डॉ. अभिलाषा भारद्वाज कभी कभार ही सीएचसी आते थे। यह सभी चिकित्सक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नियुक्त थे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. इंद्रभूषण जायसवाल तीन माह से सीएसची नहीं आ रहे थे। जब अपर डॉ. जीपी गुप्ता ने 30 मई कोेे निरीक्षण किया था, यह सभी चिकित्सक गैरहाजिर मिले थे। इस पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार जैसल से सवाल किया गया था, जिसका वह जवाब नहीं दे सके थे। इसके साथ ही सीएचसी में गंदगी के साथ वार्डों की दशा बदहाल मिली थी। इस पर भी नाराजगी जाहिर की गई थी।
चिकित्सा अधीक्षक का नहीं छूट रहा था मोह
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार जैसल का हाल ही में एसीएमओ पद पर पदोन्नति हुई थी। उनको चिकित्सा अधीक्षक पद को छोड़ना था, लेकिन वह बराबर जमे रहे। उस दौरान सीएमओ स्तर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सात चिकित्सकों का बचा स्टॉफ
सीएचसी बछरावां में 12 चिकित्सकों की नियुक्ति है। पांच चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसे में छह चिकित्सकों पर स्वास्थ्य व्यवस्था बरकरार रखने की जिम्मेदारी होगी। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. इंद्रभूषण जायसवाल पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार जैसल भी विदा हो गए हैं। उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी।