डीह। ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना हवा-हवाई साबित हो रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आठ गांवों में अभी तक पानी की टंकियों का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं।
डीह ब्लॉक क्षेत्र में 40 ग्राम पंचायत हैं। इसमें 24 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया जाना है। 16 ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है। शेष आठ गांवों में पानी की टंकी का निर्माण न होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट बरकरार है।
कचनावां, नारायणपुर, रोखा और पोठई सहित करीब 18 गांवों में टंकी निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा है। दीपू सिंह, सभादीन निर्मल ने बताया कि उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। नारायणपुर गांव में टंकी से पानी न मिलने के कारण ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं।
इससे लोग बीमार भी हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव के किनारे केवल एक नल है, जिससे वे पानी भरते हैं। ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार भुगतान न होने के कारण कार्य ठप होने की बात कह रहा है। अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उधर, जलनिगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सफीकुर्रहमान ने बताया कि 24 में से 16 ग्राम पंचायतों में टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है। शीघ्र ही सभी गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
एक साल से फटी पड़ी पाइप लाइन
महराजगंज। मोन गांव में जल जीवन मिशन के तहत डाली गई पाइप लाइन करीब एक साल से फटी है। इस कारण पाइप से रिसाव हो रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरेश कुमार ने बताया कि मोन पानी टंकी से बिछाई गई पाइपलाइन तीन जगहों पर फटी है।
इनमें बजाज मौर्य की चक्की, रोहित मौर्य के घर और शब्बू सिंह के घर के पास के स्थान शामिल हैं। पाइप फटने से आगे के घरों तक जलापूर्ति बाधित है। ग्रामीणों ने कई बार विभाग के जेई से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। जल निगम के जेई आकिब अंसारी ने बताया कि जल्द ही समस्या दूर करा दी जाएगी।