डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 26 सेमी दूर है। ऐसे में कटरी क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों की धुकधुकी बढ़ गई है।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर और खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक सोमवार को चेतावनी बिंदु के सापेक्ष नदी का जलस्तर 98.100 मीटर पर पहुंच गया है। ऐसे में चेतावनी बिंदु से जलस्तर 26 सेमी दूर है। गंगा पूरी तरह से उफान पर है।
डलमऊ कस्बे के सड़क घाट, रानी शिवालाघाट, पक्काघाट, संकटमोचन घाट, पथवारीघाट, शुकुल घाट, महारीवन घाट डूब गए हैं। कटरी क्षेत्र के जमाल नगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह, चकमलिक भींटी गांवों की ओर नदी का पानी पहुंच रहा है।
ग्रामीण साजन यादव, सघन तिवारी, शिव प्रकाश, बबलू द्विवेदी, सुरेंद्र कुमार, जयशंकर, महादेव कहते हैं कि करीब 500 बीघे कृषि योग्य भूमि जलमग्न हो गई है। गांवों की ओर पानी का रुख हो रहा है। लोग रात में दहशत के चलते सो नहीं पा रहे हैं। बाढ़ से निपटने को लेकर की गई तैयारियां कागजों तक सीमित हैं।
एसडीएम डलमऊ सत्येंद्र सिंह का कहना है कि कटरी क्षेत्र में लेखपालों की तैनाती की गई है। गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
सरेनी : रास्ते पर बह रहा पानी, आवागमन बाधित
सरेनी। गंगा नदी के जलस्तर बढ़ोतरी से सोमवार को पूरे सुकुरू से निसगर जाने वाले खड़ंजा मार्ग में पानी पहुंच गया है। इससे आवागमन बाधित हो गया है। कुटिया एहतमाली गांव के लोगों को पक्के मार्ग से निसगर आना-जाना पड़ रहा है। पानी से निसगर मुस्तकिल गांव में तिल, ज्वार, धान की फसल जलमग्न हो गई है। पूरे भुल्ली गांव के निचले हिस्से में पानी भरना शुरू हो गया है। हनुमान मंदिर के नीचे भी पानी बहने लगा है। गेगासों घाट में पुरोहितों के छप्परों के पास भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।