वहीं मौरंग और गिट्टियों के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में इन चीजों की खरीदारी में लोगों को जेब और अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। लोगों का मानना है कि यदि शीघ्र ही आंदोलन न रुका तो जनता की परेशानी और बढ़ जाएगी।
टोल टैक्स वसूली के विरोध और टोल बैरियर हटाने की मांग को लेकर ट्रक ऑपरेटरों ने एक अक्तूबर से चक्का जाम कर दिया है। इसकी वजह से ट्रकों से माल ढुलाई का काम ठप है। हड़ताल शुरू होने के तीसरे दिन शनिवार को महंगाई बढ़ने से इसका असर दिखने लगा।
आवक थमने से सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। वहीं आमद न होने की वजह से मौरंग और गिट्टी 15 से 20 रुपये प्रति फिट मंहगी बिक रही है। यह हाल तब है, जब चक्का जाम हुए अभी तो सिर्फ तीन ही बीते हैं। हड़ताल ऐसे ही चलती रही तो महंगाई आसमान छूने लगेगी। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा। पहले से ही लोग महंगाई की मार से परेशान हैं।
सब्जी विक्रेता हरिओम, बबलू, रमेशचंद्र व सलीम आदि का कहना है कि हड़ताल की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। सबसे ज्यादा टमाटर मंहगा हुआ है। अन्य सब्जियों पर अभी मामूली असर पड़ा है।
यही हाल रहा तो टमाटर के अलावा और सब्जियां भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो जाएंगी। जनता की समस्या को देखते हुए सरकार को ट्रक ऑपरेटरों से बातचीत कर शीघ्र इस हड़ताल को समाप्त कराना चाहिए।
मांगों की अनदेखी से ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर सोसाइटी में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिलाध्यक्ष राममोहन श्रीवास्तव, महामंत्री संजय बंसल, वरिष्ठ मंत्री एसएन सिंह और मीडिया प्रभारी अर्पित मिश्रा ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों की मांगे न्याय संगत है।
जब तक टोल टैक्स वसूली बंद नहीं होती और टोल बैरियर नहीं हटाए जाते, यह हड़ताल जारी रहेगी। हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। ट्रक ऑपरेटर अपना हक लेकर रहेंगे।