रायबरेली में मंगलवार को एसपी कार्यालय में परिवार के साथ शिकायत लेकर पहुंचा पीड़ित।
रायबरेली। पूरे सरदार का पुरवा गांव के रहने वाले तीन युवकों की पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है। मंगलवार को परिवारवालों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात करके लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि सिपाहियों द्वारा युवकों से जबरन चोरी करने का जुर्म कबूल कराया जा रहा था। इन्कार करने पर उनकी पिटाई की गई। मिल एरिया थाना प्रभारी से शिकायत करने पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। एसपी डॉ.यशवीर सिंह ने सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार को प्रकरण की जांच सौंपी है।
दरअसल, महराजगंज इलाके के रसेहता गांव निवासी नीरज गुप्ता की अमावां कस्बे में किराना की दुकान है। बीते शुक्रवार रात नीरज की दुकान में चोरी हो गई थी। अमावां चौकी में तैनात सिपाहियों ने शक के आधार पर पूछताछ के लिए पूरे सरदार का पुरवा गांव निवासी राजेश, रिंकू पासी और श्यामू पासी को पकड़कर शनिवार को चौकी लाए थे। आरोप है कि एक सिपाही ने रिंकू को जमकर पीट दिया था। इससे शनिवार की देर शाम उनकी हालत बिगड़ गई थी। मामला तूल पकड़ने पर रिंकू समेत तीनों युवकों को पुलिस ने छोड़ दिया था। गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को अमावां चौराहा पर प्रदर्शन करके रिंकू की पिटाई करने वाले सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सीओ ने कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया।
मंगलवार सुबह बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती की अगुवाई में परिवारवाले रिंकू को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। एसपी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सिपाहियों ने रिंकू और दो अन्य युवकों की बर्बरतापूर्ण तरीके से पिटाई की है। इससे रिंकू की हालत बिगड़ गई है। वह डरा हुआ और दहशत में है। मिल एरिया थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं। विधायक ने कहा कि अमावां चौकी में तैनात सिपाही राजेश और कपिल पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर, एसपी का कहना है कि किराना दुकानदार के शक जताने पर युवकों को पूछताछ के लिए पुलिसकर्मियों ने पकड़ा था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया है। मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।