नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को अपने गढ़ में मोदी सरकार पर खूब बरसे। कहा कि आरएसएस और नरेंद्र मोदी आंबेडकर, संविधान व गांधी जी की सोच मिटाना चाहते हैं। आजादी से पहले जैसा हिंदुस्तान था, वैसा ही आज फिर बन गया है। किसानों की जमीनें छीनी जा रही हैं। योजना और उनका पैसा अदाणी व अंबानी को दिया जा रहा है। आपकी जमीन भी उनके हवाले की जा रही है। ऐसे में आप भुखमरी की ओर खड़े दिख रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। यह किसानों और मजदूरों की सरकार नहीं है। इस देश को अदाणी और अंबानी की सरकार से कोई फायदा नहीं होने वाला है। मनरेगा के मजदूरों को घबराना नहीं है।
कांग्रेस पार्टी आपके साथ खड़ी है। हम केंद्र सरकार की साजिश को सफल नहीं होने देंगे। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को मिटाने की जो कोशिश हो रही है, उसके खिलाफ पूरे देश में पार्टी लड़ेगी।
राहुल गांधी ने अपने एक दिवसीय दौरे पर मंगलवार सुबह पहले भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों व आम जनता से मुलाकात की। यहीं पर सांसद निधि से कराए गए 2.61 करोड़ के 31 कार्यों का लोकार्पण और 50.39 लाख रुपये के आठ कार्यों का शिलान्यास किया।
आईटीआई कॉलोनी स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में आयोजित रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। नगर पालिकाध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आनंद नगर स्थित घर पहुंचकर दामाद ओम प्रकाश सोनकर व बेटी पूर्णिमा को आशीर्वाद दिया। दोनों की हाल में ही शादी हुई है।
गरीबों को भूखा मारना चाहती है सरकार : राहुल
उमरन गांव में आयोजित मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा हमारी तीन बार की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी। उनको आर्थिक जिम्मेदारी देने की बात थी। हमारा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनको काम मिले। बेहतर मानदेय मिले। नरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते हैं। वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं। राहुल ने कहा कि मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है, लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है। कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।