सतांव। गुरुबख्शगंज के अटौरा बुजुर्ग गांव में बृहस्पतिवार को किसान शंभूनाथ का शव खेत में संदिग्ध हालात में मिला था। किसान के शरीर और सिर पर चोट के निशान थे। शुक्रवार को घटना से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने अटौरा बुजुर्ग पुलिस चौकी का घेराव करते हुए करीब छह घंटे तक हंगामा किया। नाराज लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ के समझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी शीघ्र सुनिश्चित करवाने के आश्वासन के बाद नाराज लोग प्रदर्शन खत्म कर शव के अंतिम संस्कार को राजी हुए।
अटौरा बुजुर्ग गांव निवासी शंभूनाथ उर्फ छेद्दू (48) पुत्र भगौती बुधवार शाम घर से खाना खाकर गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित अपने ट्यूबवेल पर धान की नर्सरी की रखवाली करने के लिए साइकिल से निकले थे। बृहस्पतिवार सुबह उनका शव ट्यूबवेल से करीब 100 मीटर पहले पूरे निधि दुबे स्थित मालिन बाग के पास पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर व चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। इस मामले में पुलिस पत्नी उर्मिला की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार करते हुए शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे अटौरा बुजुर्ग चौकी का घेराव कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। चौकी प्रभारी के समझाने पर परिजन उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी सदर गौतम सिंह व सीओ लालगंज अमित सिंह ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे नाराज लोग प्रदर्शन खत्म कर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। इसके बाद परिजनों ने दोपहर 3:30 बजे खेत में ही शंभूनाथ के शव को दफना दिया। सीओ अमित सिंह ने बताया कि खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा
मृत शंभूनाथ के परिजनों ने एसडीएम के सामने मांग करते हुए बताया कि परिवार बहुत गरीब है और शंभूनाथ अकेले कमाने वाले थे। इस पर उपजिलाधिकारी सदर गौतम सिंह ने परिवार को एक प्रधानमंत्री आवास, पढ़ाई कर रहे बच्चों को बाल सेवा योजना के तहत 2500-2500 रुपये प्रतिमाह की मदद, विकलांग बेटे व पत्नी को पेंशन, अंत्योदय राशन कार्ड, पारिवारिक लाभ सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया।
छह घंटे तक रहा अफरा-तफरी का माहौल
परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हो पा रहा था कि किसान शंभूनाथ की मौत हो गई है। वह लगातार हत्या किए जाने का आरोप लगाते रहे। शुक्रवार सुबह सभी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अटौरा चौकी जाकर हंगामा शुरू कर दिया। सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर बाद तीन बजे तक चले हंगामे के कारण गांव क्षेत्र में छह घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। दोपहर बाद को शव को दफनाने के बाद ही पुलिस व प्रशासन ने राहत महसूस की।