रायबरेली। बारिश थमे हुए हफ्तेभर से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन रोहनिया विकास क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय समसपुर अभी भी तालाब बना हुआ है। इससे न सिर्फ बच्चे ही परेशान हैं, बल्कि अध्यापकों के सामने भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। ग्राम पंचायत ने स्कूल परिसर से पानी निकलवाने के प्रति कोई रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में अध्यापकों ने खड़ंजे के किनारे नीम के पेड़ के नीचे लगा दी।
रोहनिया विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय समसपुर में 102 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। 27, 28, 29 सितंबर को हुई बारिश के चलते स्कूल परिसर में ही नहीं, आसपास भी पानी भर गया था। बारिश थमी तो आसपास का जलभराव दूर गया, लेकिन स्कूल परिसर में लबालब भरा पानी नहीं निकल सका। इस बारे में अध्यापकों ने ग्राम प्रधान से कहा, लेकिन कोई रुचि नहीं दिखाई गई।
बच्चे रोज आते, लेकिन स्कूल में पानी भरा होने के कारण अंदर नहीं जा पाते। अध्यापक भी बाहर ही क्लास लगाते। विजयदशमी के अवकाश के बाद जब स्कूल खुला तो वैसा ही नजारा देखकर बच्चे और अध्यापक दंग रह गए। पूरा स्कूल पानी से लबालब है। नतीजतन फिर स्कूल के बाहर खड़ंजे के किनारे नीम के पेड़ के पास बने चबूतरे पर कक्षा लगाई।
प्रभारी प्रधानाध्यापक दीपक कुमार गुप्ता का कहना है कि विद्यालय में एक सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र की तैनाती है। जलभराव के चलते बच्चों की उपस्थिति कम रहती है। जो बच्चे आते हैं, उन्हें नीम के पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाते हैं। समस्या से ग्राम प्रधान और खंड शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन कम होती जा रही है।
बीएसए पीएन सिंह का कहना है कि पहले ही कहा गया था कि ग्राम पंचायतों की मदद से पंप लगवाकर स्कूलों में भरा पानी निकलवा दें, लेकिन समसपुर में अभी समस्या दूूर नहीं हो पाई है। इसीलिए रोहनिया के खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह खंड विकास अधिकारी से मिलकर समस्या का निस्तारण कराएं।