रायबरेली। जगतपुर थाना क्षेत्र में दुर्गा पूजा देखने गए छात्र की हत्या करने के बाद उसके शव को कपिला पशु आहार की बोरी में भरकर तालाब में फेंक दिया गया। तालाब में बुधवार शाम शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी बेरहमी के साथ छात्र का कत्ल किया गया।
गले में कपड़ा बंधा था। मुंह काला पड़ा था। पीठ, पेट समेत शरीर के अन्य हिस्से में चोट के निशान थे। वारदात की सूचना पर सीओ ने घटनास्थल का जायजा लिया। मर्डर की अब तक कोई वजह सामने नहीं आई है।
जगतपुर थाना क्षेत्र के परहरी गांव निवासी किशोरीलाल का बेटा कार्तिक (12) एमआरएम पब्लिक स्कूल पिछवारा में कक्षा चार का छात्र था। तीन दिन पहले गांव से एक किलोमीटर दूर पारी गांव में दुर्गा पूजा देखने के लिए गया था।
इसके बाद लौटकर नहीं आया था। शाम को गांव से कुछ दूरी स्थित तालाब से दुर्गंध आई। इस पर लोगों को कुछ तालाब में पड़ा होने का शक हुआ। पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
पुलिस ने पहुंचकर पड़ताल शुरू की तो कपिला पशु की आहार की बोरी में कार्तिक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव को बाहर निकाला गया उसके शरीर पर बने चोट के निशान उसकी बेरहमी से हत्या किए जाने के गवाह बन रहे थे।
सीओ डलमऊ आरपी शाही का कहना है कि बालक की हत्या की गई है। वारदात की कोई वजह सामने नहीं आई है। तहरीर के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
जगतपुर थानेदार विजय प्रताप यादव और अन्य पुलिस कर्मियों की ढिलाई कार्तिक की हत्या की वजह बन गई। घटनास्थल पर बिलख रहा पिता किशोरी लाल समेत अन्य ग्रामीण घटना से खफा थे। उनका कहना था कि कार्तिक तीन दिन पहले गायब हुआ था।
थाने में तहरीर दी गई थी, लेकिन थानेदार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बस केस दर्ज करके मामले को दिखवाने की बात कहकर टालते रहे। जहां पर पूजा देखने कार्तिक गया था, वहां के लोगों से पूछताछ करना तक पुलिस ने उचित नहीं समझा।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस मामले में तत्काल थानेदार को हटा दिया जाना चाहिए। परिवार में सबसे छोटे बेटे कार्तिक का शव देखकर मां बेहोश हो गई। लोगों ने पानी का छिट्टा मारा तो उसे होश आया, लेकिन फिर रोने लगी।
मां कहती रही कि उसने किसका क्या बिगाड़ा था कि उसके लाडले को उससे छीन लिया। मेरी तो दुश्मनी भी किसी से नहीं थी। पुलिस को घटना की सूचना दी थी। बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। घटना ने गांव के लोगों को भी झकझोर कर दिया है।