जिला अस्पताल में प्लांट के ठप होने के बाद भरवाए गए आक्सीजन सिलिंडरों को वार्डों तक पहुंचाते श्र
रायबरेली। जिला अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट के कंप्रेशर में आई खराबी के बाद अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को 40 ऑक्सीजन सिलिंडरों को भरवाया गया। सभी वार्डों में सिलिंडर रखवाए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को उपलब्ध कराए जा सकें। प्लांट के काम न करने से व्यवस्था चरमरा गई है।
जिला अस्पताल में मरीजों को बेड पर ही पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन मुहैया कराने के लिए एक हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की क्षमता का प्लांट स्थापित है। प्लांट के कंप्रेशर में अचानक खराबी आने के बाद प्लांट में प्राणवायु का उत्पादन ठप हो गया है। ऐसा होने के बाद बेडों पर सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति भी बाधित हो गई है। खासकर इमरजेंसी में मरीजों को ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सिलिंडर व कंसंट्रेटर से मरीजों को ऑक्सीजन देने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑक्सीजन की आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है। बृहस्पतिवार को 40 खाली सिलिंडरों को भरवाकर वार्डों में रखवाया गया है। वार्डों में कंसंट्रेटर भी रखवाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हीं माध्यमों से मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। प्लांट के काम न करने के कारण मरीजों व स्टॉफ को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमएस डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि मरीजों को किसी भी हाल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जा रही है। खाली 40 सिलिंडरों को भरवाकर वार्डों में रखवाया गया है। कंसंट्रेटरों से भी प्राणवायु दी जा रही है। जल्द ही प्लांट को ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्लांट को ठीक करने के लिए नहीं आए इंजीनियर
ऑक्सीजन प्लांट के ठप होते ही सूचना संबंधित कंपनी को दी गई है, लेकिन बृहस्पतिवार को भी इंजीनियर प्लांट को ठीक करने के लिए नहीं पहुंचे। ऐसी स्थिति में समय से प्लांट के दुरुस्त होने की उम्मीद नहीं है। सीएमएस ने दोपहर में कंपनी के संबंधित अधिकारियों से बात करके जल्द ही जल्द प्लांट को ठीक कराने के निर्देश दिए।