जेल रोड पर सीवर लाइन के बने मेनहोल को ऊंचा करते श्रमिक।
रायबरेली। आखिर जल निगम और लोक निमाण विभाग के अफसरों की नींद टूट गई। जेल रोड पर सीवर चैंबरों को ऊपर करने का कार्य शुरू करा दिया गया है। इससे पहले चैंबरों को बिना ऊपर किए ही रोड मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया था। बीती चार मई को सड़क की मरम्मत में चैंबर दफन, चोक हुए तो होगी मुश्किल शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी।
खबर में जिक्र किया गया था कि पुलिस लाइन से मामा चौराहा तक गई जेल रोड पर सीवर लाइन बिछाने का कार्य हो चुका है। रोड पर करीब 50 चैंबर बनाए गए हैं। करीब पांच साल के लंबे प्रयास के बाद जेल रोड का मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। इस कार्य पर नौ करोड़ रुपये से अधिक का बजट जारी किया गया है।
नियम है कि चैंबरों को सडक़ मरम्मत कार्य से पहले ऊपर करा दिया जाए। इससे चैंबरों की सफाई हो सके। बावजूद इसके चैंबरों पर गिट्टी डालकर उन्हें पाटा जा रहा था। नागरिकों की चिंता थी कि यदि ऐसा हो जाएगा तो सीवर की समस्या से परेशान होना पड़ेगा। इंदिरा नगर की पूर्व सभासद पूनम तिवारी ने इस मुद्दे को उठाया।
लोक निर्माण विभाग के अलावा डीएम से लेकर शासन तक इस मामले की शिकायत की थी। मामला तूल पकड़ने पर लोक निर्माण विभाग के साथ ही जल निगम के अधिकारी हरकत में आए। रविवार से चैंबरों को ऊपर कराने का कार्य शुरू कराया गया। कार्य के दौरान अधिकारी व ठेकेदार मौजूद रहे। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन महिपाल सिंह का कहना है कि चैंबरों को ऊपर कराकर ही सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। चैंबरों को ऊपर कराया जा रहा है।
सभी के प्रयास से मिली सफलता : पूनम
पूर्व सभासद पूनम तिवारी ने चैंबरों को ऊपर किए जाने का कार्य शुरू होने पर अमर उजाला का आभार जताया। कहा कि अमर उजाला ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। नतीजा रहा कि चैंबरों को ऊपर कराने का कार्य शुरू कराया गया। पूनम का कहना है कि सभी के प्रयास से सफलता मिली है। यदि सीवर चैंबर ऊपर नहीं किए जाते तो चोक होने पर दिक्कत होती।