मुंशीगंज स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज।
रायबरेली। मुंशीगंज कस्बे में रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण कार्य अब रफ्तार पकड़ने लगा है। निर्माण क्षेत्र में आने वाली भूमि को खाली कराने के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक 75 प्रभावित लोगों में से 25 की भूमि का बैनामा पूरा कर लिया गया है और उन्हें करीब एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी वितरित किया जा चुका है। शेष 50 लोगों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सदर तहसील स्तर पर जारी है।
मुंशीगंज में बनने वाले फोरलेन ओवरब्रिज का एक सिरा रायबरेली-प्रयागराज हाईवे बाईपास से जुड़ेगा, जबकि दूसरा सिरा मुंशीगंज-डलमऊ मार्ग पर एम्स के पास उतरेगा। एम्स की ओर से पुल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। गर्डर लॉन्चिंग के बाद ऊपरी ढांचे का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
दूसरी ओर बाईपास की तरफ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित हो चुकी है, उन्हें मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। करीब 125 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह ओवरब्रिज क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। वर्तमान में डलमऊ की ओर से आने वाले वाहन मुंशीगंज और शहीद स्मारक होकर रायबरेली-प्रयागराज हाईवे तक पहुंचते हैं। मार्ग संकरा होने के कारण यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
परियोजना का निर्माण वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था, लेकिन अब प्रक्रिया तेज होने से काम में तेजी आने की उम्मीद है।
मुंशीगंज रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के एक हिस्से में गर्डर लॉन्चिंग के बाद डस्ट भराई का कार्य पूरा करा लिया गया है। डिवाइडर भी तैयार हो चुका है। दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण शुरू कराया गया है। शेष लोगों से अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
— पूजा श्रीवास्तव, उप प्रबंधक, सेतु निगम