रायबरेली। जमीन स्तर पर शिकायतों को निस्तारित करने के लिए तहसील व थाना परिसर में समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। पर जनसमस्याओं को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। गदागंज थाना परिसर में शिकायतों के निपटारे के लिए न एसडीएम पहुंचे और न ही तहसीलदार। यहां थानेदार ने समस्याएं सुनीं।
शनिवार को थाना परिसर में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान समाधान दिवस अधिकारी नदारद रहे तो कहीं फरियादियों को एक बार फिर आश्वासन लेकर लौटना पड़ा। खीरों थाना परिसर में डीएम व एसपी की मौजूदगी में 30 लोग न्याय पाने की आस लेकर आए थे, जिनमें तीन लोगों ने को न्याय मिला।
अवैध कब्जे की आईं अधिक शिकायतें
खीरों। थाना परिसर में शनिवार को जिलाधिकारी हर्षिता माथुर व पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह की मौजूदगी में शनिवार को समाधान दिवस आयोजित किया गया। डीएम व एसपी की मौजूदगी को सुनकर लोगों को लगा कि इस बार उनकी समस्या का निदान किया जाएगा, लेकिन फरियादियों के सपने इस बार साकार नहीं हुए। समाधान दिवस में अधिकांश शिकायतें भूमि पर अवैध कब्जे व बिजली की समस्या से जुड़ी रहीं।
एसपी ने आरक्षी को लगाई फटकार
समाधान दिवस पर पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह खीरों थाना पहुंचे। थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति कार्यक्रम के रजिस्टर को देखा। जिसमें बीते डेढ़ माह से प्रतिदिन अपराध के संबंध में जागरूक किया गया, लिखा देख उनका पारा चढ़ गया। संबंधित महिला आरक्षी को उन्होंने फटकार लगाई। कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके में जाकर लड़कियों पर कमेंट करने वाले मनचलों पर कार्रवाई करें और उस कार्रवाई को रजिस्टर पर दर्ज करें।
शिकायत का नहीं हो सका निस्तारण
गदागंज। थाना परिसर में शनिवार को थाना प्रभारी बालेंदु गौतम व कानूनगो बृजेश सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान महज नौ लोगों ने फरियाद लगाई। किसी भी शिकायत का निस्तारण नहीं किया गया। पूरे आधार तिवारी मजरे सुदामापुर गांव के अनिल तिवारी ने रास्ता खोदने का आरोप लगाया। बताया कि कई बार लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
आश्वासन देकर लौटाया
लालगंज। कोतवाली परिसर में नायब तहसीलदार शंभू शरण पांडेय ने जनता कि समस्याएं सुनीं। इस दौरान 12 लोग न्यास मिलने की आस लेकर आए, लेकिन महज तीन लोगों को न्याय मिला अन्य को इस बार भी मायूसी हाथ लगी। अंबारा पश्चिम की सुमित्रा ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार उम्मीद थी कि न्याय मिलेगा, लेकिन फिर जांच कराने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया है।