पुलिस से संतोषजनक उत्तर न मिलने पर वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। लेकिन छुट्टी के चलते यहां भी कोई नहीं मिला। परिवारीजनों ने पुलिस कर्मियों पर ही युवक के अपहरण की आशंका जताई है।
विनोवापुरी मजरे उबरनी निवासी उमा देवी पत्नी नागेश्वर का कहना है कि दो महीने पहले उसकी देवरानी लक्ष्मी का पड़ोसियों से विवाद हो गया था। इसी मामले में पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया था।
इसमें लक्ष्मी की तरफ से उसका पति गया था। इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंचा। उसका आरोप है कि पुलिस ने विपक्षियों को छोड़ दिया। जबकि उसके पति को अगवा कर लिया।
यही नहीं रविवार को जब वह परिवारीजनों के साथ पति का पता लगाने थाने गई तो उसे तीन घंटे तक बैठाए रखा। वहीं दरोगा भीम शंकर मिश्र का कहना है कि एसओ केएन पांडेय के निर्देश पर दोनों पक्षों को देर शाम छोड़ दिया गया था। शनिवार को कोर्ट के आदेश पर नागेश्वर के खिलाफ दुराचार की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसी के चलते पुलिस पर अपहरण का झूठा आरोप लगाया जा रहा है।