रायबरेली। लखनऊ में पकड़े गए दो बदमाशों ने अपने एक साथी के साथ जिले के सराफा व्यवसायी रमन कुमार सोनी के साथ भी लूट की घटना को अंजाम दिया था। अब यहां पुलिस लखनऊ में जेल भेजे गए बदमाशों को रायबरेली कोर्ट तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मिल एरिया इलाके में बीती 18 जून को सराफा व्यवसायी रमन कुमार सोनी के साथ के लूट की घटना हुई थी।
लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर छजलापुर के पास बदमाशों ने गोली मारकर व्यवसायी से लाखों कीमत के जेवरात लूट लिए थे। पीड़ित के भाई शिव बाबू सोनी की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। लखनऊ पुलिस ने बीती सात जुलाई को अपने यहां हुई लूट की घटना में जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के ककोहिया निवासी शिवम यादव उर्फ कुंदन और अंकुल यादव उर्फ गोले को पकड़कर जेल भेजा है। लखनऊ के साथ रायबरेली पुलिस भी इन्हीं बदमाशों की धरपकड़ में जुटी थी।
गिरफ्त में आने के बाद यहां की पुलिस ने लखनऊ जाकर पूछताछ की थी। इसमें दोनों ने सराफा व्यवसायी रमन कुमार सोनी के साथ लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। बदमाशों के पास से चांदी की पायल, बिछिया समेत चार लाख के जेवरात भी मिले हैं। बदमाशों का तीसरा साथी सोनू यादव फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि लखनऊ पुलिस ने रायबरेली जिले में सराफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना का पर्दाफाश कर दिया है। मिल एरिया थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि बदमाशों को रायबरेली कोर्ट तलब कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
वारदात को अंजाम देकर भागे थे लखनऊ
जांच में पता चला है कि वारदात को अंजाम देकर पुलिस से बचने के लिए लखनऊ भागे थे। इधर, लखनऊ पुलिस को भी बदमाशों को तलाश थी। लखनऊ और रायबरेली पुलिस ने संयुक्त रूप से पड़ताल शुरू की तो बदमाश हत्थे चढ़ गए। जांच में पता चला कि बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
आरोपी शिवम ने स्नातक की पढ़ाई के साथ कंप्यूटर का कोर्स किया है, जबकि अंकुल ने मैकेनिकल से डिप्लोमा किया है। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में कमरा किराये पर लेकर रहते थे। करीब 10 दिनों तक रेकी करने के बाद रायबरेली में सराफा व्यवसायी के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया था।