वहीं सांस्कृतिक अभियान के तहत कलाकारों ने सभी को आपसी सामंजस्य बनाने के लिए प्रेरित किया। दोपहर बाद सुपर मार्केट में जुलूस प्रारंभ हुआ।
इसमें जिले के कवि, शायर, लेखक, साहित्यकार, बुद्धिजीवी, शिक्षक, अधिवक्ता और कलाकार शामिल हुए। जुलूस सुपर मार्केट से प्रारंभ होकर हाथी पार्क, डिग्री कॉलेज चौराहा होते हुए शहीद चौक पर पहुंचा।
यहां पर कलाकारों ने सांस्कृतिक अभियान को गति प्रदान करते हुए नुक्क्ड़ नाटक अथक कथा का मंचन प्रस्तुत किया। इसमें सामाजिक न्याय, धर्म निरपेक्षता और जनतांत्रिक पक्ष को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
कमेटी सदस्य दुर्जय सोम ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक साहित्यिक संगठनों के साझा अभियान का नाम साझा संघर्ष-साझी विरासत है। इसका संयोजन इप्टा ने राष्ट्रीय स्तर पर किया।
कमेटी के जनार्दन मिश्र ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 6 दिसंबर को पूरे देश में हो गई है। इसके तहत सांस्कृतिक यात्राएं, सभा, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, काव्य पाठ, फिल्म प्रदर्शन आदि कार्यक्रम होंगे।
संतोष चौधरी ने कहा कि अभियान का दूसरा चरण गांव में केंद्रित होगा। इसकी शुरूआत 14 अप्रैल से होगी। इस मौके पर डॉ. आरबी वर्मा, डीपी पाल, किरन शुक्ला आदि मौजूद रहे।