बांदा-बहराइच राजमार्ग पर पिपरी गांव के पास 10 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल दरक गया है। इस पुल को बने अभी महज दो साल ही बीते हैं। ऐसे में पुल दरक जाना घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग होने का खुलासा कर रहा है।
इस मार्ग से प्रतिदिन 40 हजार से अधिक मुसाफिरों और 10 हजार बड़े वाहनों का आना जाना है। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर भी जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके तक जाना उचित नहीं समझा है।
शिवगढ़ ब्लॉक क्षेत्र से होकर गुजरे बांदा-बहराइच राजमार्ग पर पिपरी गांव स्थित शारदा सहायक खंड नहर 28 हैदरगढ़ पर लोक निर्माण विभाग ने दो साल पहले पुल बनवाया था। पुल बनाने में 10 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत आई थी।
इस मार्ग से प्रतिदिन 40 हजार से अधिक मुसाफिरों का आना जाना रहता है। करीब 10 हजार बड़े वाहनों का आना-जाना है। कुंभी गांव के प्रधान दिग्विजय सिंह, पिपरी की प्रधान अनुपमा तिवारी, शिवली के प्रधान संतोष कुमार और रिटायर्ड शिक्षक गोविंद नारायण शुक्ला का कहना है कि एक सप्ताह पहले पुल में हल्की दरार आई थी।
सूचना के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे अब पुल में बड़ी दरार आ गई है। यह कभी भी ढह सकता है। वजह बड़े वाहनों का आना जाना है। पुल निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से पुल दरका है। इस मामले की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पीडब्ल्यूडी के एक्सइर्ईएन अरविंद कुमार का कहना है कि बहराइच राजमार्ग पर बने पुल के दरकने का मामला गंभीर है। अधिकारियों को मौके पर भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि पुल निर्माण में लापरवाही की बात सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुल ठीक कराया जाएगा।