रायबरेली। लालगंज कोतवाली क्षेत्र में चचेरे भाई-बहन की हत्या की दिल दहलाने वाली वारदात का शनिवार को खुलासा हो गया। चचेरी बहन ने ही रिश्तों को शर्मसार करते हुए दोनों बच्चों की हत्या की थी। पुलिस की मानें तो डबल मर्डर के मामले में पकड़ी गई आरोपी चचेरी बहन मनोरोगी है।
उसके मन में हत्या करने का ख्याल आया था। इस वजह से उसने अपहरण करके अपने चचेरे भाई-बहन की हत्या कर दी थी। एसओजी और तीन थानों की पुलिस टीम ने हत्या आरोपी युवती को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
पुलिस कार्यालय में एसपी स्वप्निल ममगाई ने शनिवार को प्रेस कॉन्फेंस कर डबल मर्डर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि लालगंज क्षेत्र के कुंडवल गांव की रहने वाली रूबी (8) और दीपक (11) की हत्या करके दोनों के शव झाड़ियों में फेंक दिए गए थे।
रूबी बीते 19 अगस्त को, जबकि उसका चचेरा भाई दीपक एक सितंबर को गायब हुआ था। एसओजी प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी, लालगंज कोतवाल राकेश सिंह, सदर कोतवाल अतुल सिंह और महिला थानेदार संतोष कुमारी ने पड़ताल के दौरान घटना में शामिल मृत भाई-बहन की चचेरी बहन श्यामकली पुत्री बाबूलाल निवासी कुंडवल को गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि पकड़ी गई श्यामकली मनोरोगी है। उसके मन में सीरियल किलर बनने के ख्याल आते थे। इस वजह से उसने खून के रिश्ते को तार-तार कर चचेरे भाई-बहन को मार दिया। श्यामकली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एएसपी नित्यानंद राय व सीओ सदर डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी मौजूद रहे।
एसपी के मुताबिक पकड़ी गई श्यामकली ने पूछताछ में बताया कि वह पहले ननकू की बेटी रूबी को बहलाकर कोइया जंगल ले गई थी। वहां गला दबाकर रूबी को मारकर शव झाड़ियों में छिपा दिया था। घटना के करीब 15 दिन बाद आरोपी युवती के ताऊ जगदीश प्रसाद का इकलौता बेटा दीपक अन्य लड़कों के साथ खेत में मोबाइल देख रहा था। श्यामकली ने घास की गठरी उठाने के बहाने उससे जंगल में चलने के लिए कहा।
दीपक ने मना कर दिया तो वह उसे जबर्दस्ती पकड़कर ले गई। जंगल में श्यामकली ने गला दबाकर दीपक को मारने का प्रयास किया। गला नहीं दबा पाने पर हंसिये से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद श्यामकली ने उसके शव को भी झाड़ियों में छिपा दिया। एसपी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हंसिया बरामद कर लिया गया है।
उम्र करीब 22 वर्ष और बीए प्रथम वर्ष तक की पढ़ाई कर चुकी आरोपी श्यामकली के इरादे बहुत ही खौफनाक थे। पुलिस ने जांच के दौरान जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। एसपी की मानें तो चचेरे बहन-भाई की हत्या के बाद आरोपी श्यामकली का अगला टारगेट उसका सगा भाई मिलन (13) था। उसे मारने के लिए वह जाल बिछा रही थी।
मगर इससे पहले कि श्यामकली अपने इरादे में कामयाब होती पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एसपी की मानें तो पूछताछ में श्यामकली ने बताया कि वह चचेरे बहन-भाई की हत्या नहीं करना चाहती थी। मगर उसके मन में बार-बार हत्या करने का ख्याल आ रहा था। वह खुद को रोक नहीं पाई और दोनों का कत्ल कर दिया।
एसपी के मुताबिक रूबी की हत्या के बाद जब दीपक गायब हुआ तो परिवारीजनों के शक की सुई श्यामकली पर जा रही थी। मगर पुलिस तांत्रिक के साथ ही अन्य एंगल पर पड़ताल कर रही थी। परिवारीजनों को श्यामकली पर शक था मगर वे कुछ बोल नहीं रहे थे। मामला परिवारीजनों से जुड़ा होने के कारण पुलिस भी दबाव बनाने से कतरा रही थी। बाद में परिवारीजनों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने कुछ जानकारी दी। इस पर पुलिस ने मामले का खुलासा कर श्यामकली को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
एसपी ने डबल मर्डर का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के कार्य की सराहना की और पूरी पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के ईनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की। एसपी ने कहा कि ये वारदात पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं थी। मगर एसओजी प्रभारी अमरेश कुुमार त्रिपाठी, सदर कोतवाल अतुल सिंह, लालगंज कोतवाल राकेश सिंह, फोरेंसिक टीम प्रभारी डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी, महिला थानेदार संतोष कुमारी ने घटना का खुलासा कर आरोपी को जेल भेज दिया।