गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह उसका शव महुआ के पेड़ से रस्सी के सहारे लटकता मिलने पर हड़कंप मच गया।
पत्नी का आरोप है कि बैंक से लोन लेने के बाद उसे अदा न करने के चलते पति परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने खुदकुशी कर ली। बैंक से नोटिस भी भेजा गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे केशरी मजरे सुल्तानपुरखेड़ा गांव निवासी भगौती (55) ने समरसेबुल लगवाने के लिए बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अहमदपुर किलौली से एक लाख 12 हजार और बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा लालगंज से एक लाख 25 हजार रुपये अलग-अलग समय में ऋण लिया था।
सोमवार देर शाम भगौती नलकूप पर गया था। लेकिन वापस लौटकर नहीं आया। मंगलवार की सुबह उसका शव नलकूप के पास एक महुआ के पेड़ से रस्सी के सहारे लटकता पाया गया।
घटना की सूचना पर एसओ अनिल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी चंद्रावती का आरोप है कि पति के नाम चार बीघे जमीन है। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से एक सप्ताह पहले लोन जमा करने के लिए नोटिस आया था।
नोटिस आने के बाद से वह बहुत परेशान चल रहे थे। कह रहे थे कि किश्त जमा नहीं हुई तो खेती नीलाम हो जाएगी। इसी वजह से फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे गोलू का आरोप है कि लोन जमा न कर पाने से पिता परेशान थे और खुदकुशी कर ली।
एसओ अनिल सिंह का कहना है कि परिवारीजन कर्ज में डूबने के चलते किसान के खुदकुशी की बात कह रहे हैं। फिलहाल घटना की जांच के बाद सही बात सामने आएगी। जांच में परिवारीजन कोई नोटिस नहीं दिखा पाए।