पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की। हाईवे जाम होने से दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया।
बवाल बढ़ने की सूचना पर सीओ महराजगंज ने पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के हिडइन गांव निवासी कमल कुमार (35) पुत्र रामविलास पावर हाउस में दिहाड़ी श्रमिक था।
सुबह हरचंदपुर कस्बे में पोल पर चढ़कर फॉल्ट ठीक कर रहा था। इसी दौरान बिजली आपूर्ति शुरू होने से कमल कुमार करंट की चपेट में आ गया और झुलस कर नीचे गिर गया।
लोगों ने गंभीर हालत में उसको सीएचसी पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। श्रमिक की मौत की जानकारी मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
उन्होंने कस्बे के पास ही लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर श्रमिक का शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि श्रमिक पावर हाउस के अफसरों, कर्मियों को सूचना देकर फॉल्ट ठीक करने गया था।
बावजूद आपूर्ति शुरू कर दी गई। अफसरों, कर्मियों की लापरवाही से कमल की जान गई है। उनका कहना था कि मृतक ही परिवार में इकलौता कमाने वाला था।
पत्नी केतकी के अलावा दो बेटे सतेंद्र, देवेंद्र हैं, जो अभी छोटे हैं। सीओ सत्यपाल सिंह ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। करीब एक घंटे तक हाईवे जाम होने से वाहनों का आवागमन ठप रहा।
वहीं हरचंदपुर थाना क्षेत्र में दिहाड़ी श्रमिक की मौत के मामले में पावर हाउस के एसएसओ और सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
थानेदार अरुण शुक्ला का कहना है कि मृतक के भाई रामानंद की तहरीर पर एसएसओ देवराज और सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जांच के बाद सामने आएगा कि घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार अधिकारी दोषी हैं। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओ पावर कॉर्पोरेशन एसएन सिंह यादव का कहना है कि श्रमिक की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया पावर हाउस के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है।
इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।